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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

चुनावी चासनीः किसानों का विधानसभा चुनाव से पहले 12 हजार करोड़ की कर्जमाफी का ऐलान

चेन्नई/ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने चुनावी चासनी मे लपेट कर किसानो को बहलाने के लिए बढ़िया लालीपाप तैयार की है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने ऐलान किया है कि किसानों का करीब 12 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया जाएगा। के पलानीस्वामी ने किसानों के लिए यह ऐलान ऐसे वक्त में किया है जब केन्द्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का देशव्यापी आंदोलन जारी है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ऐसे किसानों की कर्जमाफी करने वाली है जिन्होंने सरकारी बैंकों से फसलों के लिए कर्जा लिया हुआ था। सरकार की इस कर्जमाफी से करीब 16 लाख 43 हजार किसानों को फायदा मिलेगा। विधानसभा में के पलानीस्वामी ने कहा कि तत्काल प्रभाव से इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक एकमात्र ऐसी पार्टी है जो वादों को पूरा करती है और नए कल्याणकारी उपायों को लेकर भी आती है। दरअसल आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी पार्टी अन्नाद्रमुक कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। फसलों के नुकसान के लिए अलग से की थी घोषणा विधानसभा में के पलानीस्वामी ने बताया कि किसानों के लिए की गई कर्जमाफी फसलों के नुकसाने के मुआवजे से अलग है। आपको बता दें कि फसलों के नुकसान के मुआवजे के तौर पर सरकार ने 1.117 करोड़ रुपए जारी किए थे। Sources:Agency News

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