27 लाख के नकली N72 मास्क बरामद, एक बंदी


पुलिस के मुताबिक ट्रक में 98 हज़ार मास्क थे जिनकी सप्लाई मुंबई के अलग-अलग मेडिकल स्टोर में होने थे. पुलिस ने रियाज़ अहमद खान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.


मुंबई में 27 लाख के नकली N95 मास्क जब्त, एक गिरफ्तार


मुंबई. कोरोना संक्रमण प्रभावित मुंबई में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) के अधिकारियों ने N95 मास्क की एक नकली खेप जब्त की है. बाजार में इसकी कीमत 27 लाख रुपये बताई जा रही है. क्राइम ब्रांच को इसके बारे में पहले से सूचना मिली थी. इसी आधार पर दो इंसपेक्टर अशोक खोट और नीतिन पाटील ने मास्क की सप्लाई कर रहे एक शख्स को धर दबोचा. इस सिलसिले में मुबंई के वर्ली इलाके से एक मिनी ट्रक को जब्त किया गया.


ऐसे किया जब्त


पुलिस के मुताबिक ट्रक में 98 हज़ार मास्क थे जिनकी सप्लाई मुंबई के अलग-अलग मेडिकल स्टोर में होने थे. पुलिस ने रियाज़ अहमद खान नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पुलिस ने धोखाधड़ी, लापरवाही और कॉपीराइट अधिनियम में जनता के जीवन को खतरे में डालने जैसे आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आखिर ये मास्क कहां बनाए गए थे.


ये है बेहद स्पेशल मास्क


N95 मास्क इस्तेमाल आमतौर पर मेडिकल स्टाफ करते हैं. लिहाजा इसकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है. ये हवा के कणों को भी साफ करता है. इसका फिल्टर 0.3 माइक्रोन के कणों को भी फिल्टर कर सकता है. कहा जाता है कि N95 मास्क को इस तरीके से बनाया जाता है कि ये उड़ने वाले दूषित कणों से 95% लड़ने में सक्षम है. इसके अलावा ये सर्जिकल मास्क से भी ज्यादा फायदेमंद है. सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल सिर्फ 1 या 2 दिन के लिए किया जा सकता है लेकिन इस मास्क को आप काफी दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं.


WHO ने कोरोना से सुरक्षा को लेकर जारी किए नए दिशानिर्देश,मास्क को लेकर दिए कई सुझाव



दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को फेसमास्क को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए। डब्ल्यूएचओ की तरफ से कहा गया कि उसने परिस्थितियों और कुछ शोध के आधार पर अपने पुराने दिशानिर्देशों में कुछ बदलाव किया है। इसमें कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए फेस मास्क को सार्वजनिक जगहों पर पहनना अनिवार्य बताया गया है।


डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम गेब्रेसियस ने कहा कि हमने नए दिशानिर्देश उपलब्ध प्रमाणों की समीक्षा करते हुए और अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट, सिविल सोसाइटी समूहों के सुझावों के आधार पर तैयार की है।


 


डब्ल्यूएचओ के नए दिशानिर्देश:


सभी देशों की सरकारें आम जनता को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित करें। जहां संक्रमण ज्यादा है, वहां के लोगों को हर हाल में मास्क पहनना चाहिए। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और दुकानों में भी मास्क पहनना बेहद जरूरी है।


सभी स्वस्थ लोगों को तीन परतों वाला फैब्रिक मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है। इसमें सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलिप्रोपायलीन की बनी ‘फिल्टर’ हो। जो लोग बीमार हैं, वे ही केवल मेडिकल ग्रेड का मास्क पहनें।


जिन जगहों पर संक्रमण का स्तर बहुत ज्यादा है, वहां सभी लोगों को मेडिकल-ग्रेड का मास्क ही इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही मरीजों और वहां मौजूद सभी लोगों को मेडिकल- ग्रेड का मास्क पहनना होगा।


मास्क के कुछ नुकसान भी हैं। कपड़े का मास्क गीला होने पर बदला न जाए तो संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही मास्क लगाने वाले लोग खुशफहमी का शिकार हो जाते हैं और सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं देते। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए सामाजिक दूरी और हाथों को समय पर धोना भी बेहद जरूरी है।


टेड्रोस ने कहा, ‘फेस मास्क इस खतरनाक कोरोना वायरस बीमारी को हराने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा भर है। इसके अलावा अन्य एहतियाती कदम भी अपनाया जाना चाहिए। महज मास्क ही कोविड-19 से नहीं बचा सकता। इसके अलावा शारीरिक दूरी बनाने, हाथों को साफ रखने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अन्य उपायों को किया जाना चाहिए।


Source :Agency news