सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

रद्द कर सकता है चुनाव आयोग रैलियां



खबर छन कर आ रही है कि आदर्श आचार संहिता के लागू होते ही चुनाव आयोग राजनीतिक रैलियों को रद्द करने की तैयारी में है। इसके साथ ही कोरोना दिशानिर्देश उल्लंघन के मामले में सीधे कार्यवाही के तहत  जिलाधिकारियों को निलंबित करने की तैयारी कर रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक  गृह मंत्रालय के साथ बैठक में चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिम्मेदारी तय की जाए ताकि मतदान वाले राज्यों में कोरोना दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा सके।

 आपको बता दें चुनाव के दौरान कोरना गाइडलाइन की सबसे ज्यादा धज्जियां  नामांकन और चुनाव प्रचार के दौरान उड़ाई जाती हैं क्योंकि सभी राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा भीड़ इकठठा करके अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं।


कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का मामला सिर्फ भारत में ही देखने को नहीं मिलता बल्कि दुनियाभर के कई देशों में ये देखने को मिलता है। गौरतलब है कि 2020 में तकरीबन 51 देशों में राष्ट्रीय चुनाव हुए। इन देशों में हुए चुनावों पर एक रिसर्च  के मुताबिक कई देशों ने लोगों की संख्या 100ए 50 या बेहद कम 20 तक भी सीमित कर दी गई थी । मोंटेनेग्रो मेंए सार्वजनिक सभा 100 लोगों तक सीमित थी और अगस्त 2020 के संसदीय चुनावों से पहले रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।


टिप्पणियाँ

Popular Post