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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

भाजपा के टिकट पर मिली चुनावी हार से मेट्रो मैन ने छोड़ी राजनीति

  



 मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है। केरल के मलप्पुरम में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं सक्रिय राजनीति छोड़ रहा हूं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं राजनीति से पूरी तरह से दूर रहूंगा। दरअसल, केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इससे श्रीधरन ने भाजपा जॉइन किया था। पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव में उन्हें पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र से टिकट भी दिया गया था। हालांकि वह कांग्रेस विधायक शफी परम्बिल से 3,859 मतों के अंतर से हार गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद मुझे दुख हुआ लेकिन अब मैं दुखी नहीं हूं। श्रीधरन ने यह भी कहा कि मैं एक राजनेता नहीं था क्योंकि मैं एक नौकरशाह हूं। मैं सक्रिय राजनीति में नहीं रहूंगा लेकिन मैं अन्य तरीके से भी लोगों की सेवा करता रहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी उम्र 90 साल की है और इस उम्र में राजनीति में आना एक खतरनाक कदम था। हालांकि, मुझे राजनीति में आने के दौरान अच्छी उम्मीदें जरूर थी लेकिन अब मेरे अंदर राजनीति को लेकर कोई उत्हास नहीं बचा। चुनाव से पहले ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन ने कहा था कि भाजपा द्वारा उन्हें दी जाने वाली किसी भी तरह की जिम्मेदारी को संभालने के लिए वह तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि पिछले 67 वर्षों तक मैं सरकारी नौकर था। कई लोगों ने मुझसे पूछा है कि इतने वर्षों के बाद में राजनीति में क्यों आया।67 वर्षों तक मैंने देश में कई परियोजनाओं के लिए काम किया।’’ राज्य में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कसारगोड से तिरूवनंतपुरम तक प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन द्वारा निकाली गई विजय यात्रा के समापन अवसर पर श्रीधरन ने कहा, ‘‘मैं अब भी ऊर्जावान हूं और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल केरल के लिए करना चाहता हूं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, मैं उसे पूरे उत्साह एवं ताकत से करूंगा।’’ 


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