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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव.संग्राम 2022: भाजपा.और आप के बीच में छिड़ा स्टार वार,कांग्रेस कर रही इंतजार

      भाजपा व आप ने रणनीति के तहत स्टार वार का गेम शुरू किया है। दरअसल, आचार संहिता लागू होने पर वीवीआईपी की रैलियां कराने के लिए पूरा खर्चा प्रत्याशियों के खाते में शामिल होता है।  उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले स्टार वार शुरू हो चुका है। भाजपा और आम आदमी पार्टी अभी इसमें आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस अभी इंतजार के मूड में है।   निर्वाचन आयोग की टीमों की इस पर पैनी नजर रहती हैं।  निर्धारित सीमा से ज्यादा खर्च होने की दशा में ऐसे प्रत्याशियों को आयोग के नोटिस झेलने पड़ते हैं और चुनाव के वक्त इनका जवाब देने में उनका समय अनावश्यक जाया होता है। भाजपा में सबसे ज्यादा डिमांड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। वे दो माह के भीतर उत्तराखंड के दो दौरे कर चुके हैं। पहले वे सात अक्तूबर को ऋषिकेश एम्स में आक्सीजन प्लांट जनता को समर्पित करने आए और इसके बाद पांच नवंबर को केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंचे। अब मोदी चार दिसंबर को दून में चुनाव रैली संबोधित करने आ रहे हैं। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बीच दो दौरे कर चुके हैं। अक्तूबर में कुमाऊं के कई हिस्सों में आपदा के बाद वे रेस्क्यू आपरेशन

COP26 में भारत ने ज़ीरो एमिशन वेहिकल्स को प्राथमिकता देने का लिया संकल्प

 

Climate कहानी




इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत

दुनिया के चौथे सबसे बड़ा ऑटो बाज़ारभारत ने रवांडाकेन्या के साथ संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) मेंअपने बाजारों में शून्य उत्सर्जन वाहनों (ZEV) के ट्रांजिशन में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

साथ ही, कनाडायूके और मैक्सिको सहित 30 देशों और छह प्रमुख वाहन निर्माताओं - जिनमें फोर्डमर्सिडीज-बेंजजनरल मोटर्स और वोल्वो शामिल हैं - ने शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों को 2030 या उससे पहले, सभी क्षेत्रों में सुलभ, किफायतीऔर टिकाऊ बनाकर उन्हें न्यू नार्मल बनाने का संकल्प लिया है।



COP26 में न सिर्फ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के टारगेट ट्रू ज़ीरो पहल के 20 एयरलाइन सदस्य जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान करने के लिए इलेक्ट्रिकहाइड्रोजन और हाइब्रिड विमान जैसी नई तकनीकों का उपयोग करने के लिए भी प्रतिबद्ध हुए हैं; बल्कि इस महासम्मेलन में नए विश्व बैंक ट्रस्ट फंड का भी शुभारंभ हुआ, जो कि उभरते बाज़ारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सड़क परिवहन को डीकार्बोनाइज करने के लिए अगले 10 वर्षों में $200 मिलियन जुटाएगा।

इस सबका उद्देश्य है जीरो एमिशन व्हीकल ट्रांजिशन काउंसिल (ZEVTC) का मार्गदर्शन करना। ZEVTC  ने उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDE) में ट्रांजिशन पर विशेषज्ञों सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर इस बात पर चर्चा की कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग इस दिशा में वैश्विक ट्रांजिशन का समर्थन कैसे कर सकता है।



स्वच्छ वाहनों की वृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रतिक्रिया देते हुएNRDC (नेचुरल रिसोर्सेज़ डिफेंस काउंसिल) में अंतरराष्ट्रीय जलवायु के वरिष्ठ रणनीतिक निदेशकजेक श्मिट ने कहा, “यह स्वागत योग्य कदम संकेत देता है कि बढ़ती संख्या में देशऑटो निर्माता और परिवहन प्रदाता वैश्विक स्तर पर शत-प्रतिशत शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, "अबजिन देशों में बड़ी संख्या में वाहन सडकों पर दौड़ रहे हैं, उन्हें इसके समर्थन में आना चाहिए। इससे नये रोजगार पैदा कर सकते हैं और जलवायु संकट में प्रदूषण को तेजी से कम कर सकते हैं एक स्वच्छ भविष्य के लिए।"



देशोंवैश्विक वाहन निर्माताओंशहरोंक्षेत्रों और बेड़े के मालिकों सहित 100 से अधिक संस्थाओं द्वारा हस्ताक्षरित शून्य उत्सर्जन वाहनों पर ग्लासगो समझौते के अनुसारयह पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत है। प्रमुख बाजारों में 2035 तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा और शून्य-उत्सर्जन वाहनों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।

घोषणा के परिणाम महत्वपूर्ण हैं। इन प्रतिबद्धताओं में शामिल हस्ताक्षरकर्ता वैश्विक कार बाजार में लगभग 15 प्रतिशत या 11.5 मिलियन वाहनों का प्रतिनिधित्व करते हैं।



साथ ही दुनिया के कुछ प्रमुख शहरों के मेयरयूनियन लीडर्सट्रांसपोर्ट वर्कर्सट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज और सिविल सोसाइटी ने भी COP26 में एकजुट होकर दुनिया की सरकारों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में स्थायी दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो क्लाइमेट ब्रेकडाउन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


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