हिमस्खलन की चपेट में आए नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत का पार्थिव शरीर पहुंचा उनके घर

 


  देहरादून /  त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आए नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके घर लाया। देहरादून के नत्थनपुर स्थित गंगोत्री विहार स्थित उनके आवास के बाहर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी हुई है। उनका परिवार मूल रूप से गांव जौरासी पट्टी दुगड्डा ब्लाक पौड़ी के रहने वाला है। रविवार पूरा परिवार देहरादून पहुंचा हुआ है। मां-पिता के साथ ही घर में मौजूद सभी लोग का रो रोकर बुरा हाल है।त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आए शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती का पार्थिक शरीर उनके घर लाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ जवानों ने उन्हें सलामी दी। पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके घर ले जाया गया। यहां मुंबई समेत नौसेना के स्थानीय दफ्तर के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। काफिन में बेटे को तिरंगे से लिपटा देखकर मां के साथ ही परिजन भी बिलक पड़े। अनंत कुकरेती के पिता और मां पत्नी राधा बेशुध हैं। अनंत कुकरेती को श्रद्धांजलि देने वालों की काफी भीड़ लगी है। एक एक कर सभी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कुछ देर बाद अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया जाएगा।

त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान आए थे हिमस्‍खलन की चपेट में

बता दें कि उत्‍तराखंड के बागेश्वर जनपद में पड़ने वाली त्रिशूल चोटी आरोहण के दौरान बीती शुक्रवार सुबह नौसेना के पांच अधिकारी और एक पोर्टर हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। इसके बाद से रेस्‍क्‍यू आपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान शनिवार शाम को पांच पर्वतारोहियों में से चार के शव बरामद कर लिए गए थे। इनकी पहचान लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और हरिओम हरिओम एमसीपीओ के रूप में हुई है।