सीएम पद छोड़ने से दुःखी समर्थक ने दी जान,येदियुरप्पा बोले,ऐसा नहीं करना था

 

  कर्नाटक की सियासत एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लंबे वक्त से कयास लगाए जा रहे थे कि येदियुरप्पा अपना पद छोड़ सकते हैं, अब सोमवार को जब सरकार के दो साल पूरे हुए तब उन्होंने अचानक इस्तीफे का ऐलान कर दिया। इस दौरान येदियुरप्पा और उनके समर्थक काफी भावुक हो गए और रो पड़े। वहीं एक समर्थक ने कथित रूप से इससे दुखी होकर आत्महत्या कर ली। चामराजनगर जिले के गुंडलुपेट तालुक के 30 वर्ष के रजप्पा (रवि) ने येदियुरप्पा के इस्तीफे से दुखी होकर अपनी जान दे दी। ये खबर सामने आने के बाद येदियुरप्पा ने एक ट्वीट में दुख जताते हुए लिखा कि- राजनीति में उतार- चढ़ाव आते रहते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि कोई अपना जान दे दे। कोई भी परिवार इस तरह की क्षति बर्दाश्त नहीं कर सकता। येदियुरप्पा ने आगे लिखा, "मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि सम्मान देने के लिए हद से आगे नहीं जाना चाहिए। मैं रवि के परिवार के दर्द में उनके साथ हूं।" येदियुरप्पा ने सोमवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया और अपनी अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। साथ ही राजभवन की अधिसूचना में कहा गया है कि येदियुरप्पा वैकल्पिक व्यवस्था होने तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे।सोमवार को बीएस येदियुरप्पा ने एक कार्यक्रम में इस्तीफे की बात कही तो वह भावुक भी हो गए। बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वह कर्नाटक के लोगों के लिए काम करते रहेंगे, वह कई अग्निपरीक्षाओं से होकर गुजरे हैं। आगे भी वह पार्टी को मजबूत बनाने में लगे रहेंगे।