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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

उत्तराखण्ड: अब बच्चे भी हो रहे कोरोना संक्रमित,प्रदेश के चार जिलों में 112 बच्चे मिले कोविड संक्रमित

 


  प्रदेश के चार जिलों में 112 बच्चे कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनमें नवजात शिशु के साथ ही दो साल के बच्चे भी शामिल हैं। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से कोविड की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह जानकारी दी। संक्रमित होने वाले बच्चों में सबसे अधिक 44 बच्चे रुद्रप्रयाग जिले के हैं। बैठक में रुद्रप्रयाग जिले की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.नीतू तोमर ने बताया कि जिले में 44 बच्चे संक्रमित हुए हैं। जिनमें एक नवजात शिशु है। जबकि अन्य बच्चे दो से 13 साल के हैं। सभी बच्चों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। यह भी बताया गया कि यह बच्चे लगभग स्वस्थ हो चुके हैं।जिनकी विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। जबकि सीएमओ हरिद्वार डॉ.एसके झा ने बताया कि जिले में 14 बच्चे संक्रमित हुए हैं। सभी बच्चों का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ कर रहे हैं। इन बच्चों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। अल्मोडा जिले की डॉ.मीनाक्षी ने कहा कि जिले में चार बच्चे कोरोना संक्रमित हैं। जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड केयर वार्ड बनाने के आदेश होने पर इसकी व्यवस्था की जाएगी। ऊधमसिंह नगर में 40 बच्चे संक्रमितऊधमसिंह नगर की ओर से बताया गया कि जिले में 15 से 18 आयु वर्ग के 40 बच्चे संक्रमित हुए हैं। सभी बच्चों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। बताया गया कि जिला अस्पताल में 40 बच्चों के लिए चाइल्ड केयर वार्ड की व्यवस्था है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या दस साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है।कम उम्र के बच्चों को उनके माता-पिता के बिना आइसोलेशन में रखना कठिन होगा। कम उम्र के बच्चों के माता-पिता को भी पूरी सावधानी के साथ आइसोलेशन में बच्चों के साथ रहना होगा। पौड़ी के डा. रमेश पंत ने कहा कि जिले में कोई बच्चा संक्रमित नहीं है। जिला अस्पताल में दस बच्चों के लिए एक वार्ड सुरक्षित किया गया है। बैठक में बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि जिन जिलों में बाल सुधार गृह बनाए गए हैं।उनमें प्रोवेशन अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति के माध्यम से कोरोना किट व ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की जाए। आयोग की अध्यक्ष ने  अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, देहरादून एवं अन्य जिलों के सीएमओ व जिला अस्पताल के अधीक्षकों को बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए अपने सुझाव व समस्याओं से आयोग को अवगत कराने को कहा।

Sources:Agency News


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