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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

इजराइली सेना पर मीडिया का इस्तेमाल कर हमास को जाल में फंसाने का आरोप

 

  

 



यरूशलम / इजराइली पत्रकारों ने कहा कि इजराइल की सेना ने मीडिया का इस्तेमाल कर हमास को अपने जाल में बिछाया, जिसके कारण संभवत: दर्जनों लड़ाके मारे गए। दरअसल इजराइली सेना ने मीडिया के लिए बयान जारी किया कि ‘‘इजराइली वायु एवं थल सेना गाजा पट्टी पर हमला कर रहे हैं।’’ इस संक्षिप्त बयान ने इन अटकलों को हवा दी कि इजराइल ने गाजा पर जमीनी हमला कर दिया है। कुछ संवाददाताओं ने यह तक कह दिया कि हमला शुरू हो गया है। इसके कुछ ही घंटों बाद सेना ने एक ‘‘स्पष्टीकरण’’ जारी किया कि गाजा के भीतर कोई इजराइली सेना नहीं है, लेकिन तब तक कई बड़े मीडिया संस्थान यह जानकारी दे चुके थे कि जमीनी हमला शुरू हो गया है।इस बीच, हमास के लड़ाके मेट्रो के रूप में जानी जाने वाली सुरंगों के भूमिगत नेटवर्क में रक्षात्मक स्थलों पर चले गए। सेना ने बताया कि इजराइल ने 160 युद्धक विमान बुलाए और 40 मिनट तक सुरंगों पर बमबारी की। इजराइल के ‘चैनल 13 टीवी’ के पत्रकार ओर हेलर ने कहा कि उनका मानना है कि इस दौरान सैकड़ों चरमपंथी मारे गए।हालांकि सेना ने इसे गलतफहमी के चलते की गई रिपोर्टिंग करार दिया, लेकिन इजराइली पत्रकारों ने कहा कि हमास के आतंकवादियों को घातक जाल में फंसाने के लिए मीडिया का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण संभवत: दर्जनों लड़ाके मारे गए। हेलर ने कहा, ‘‘उन्होंने झूठ नहीं बोला। उन्होंने छल किया। उन्होंने चतुराई की और यह सफल रहा।


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