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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

मानवता हुई शर्मसार- वाराणसी मे मां के सामने 10 घंटे तक पड़ा रहा बेटे का शव, ठेले पर लादकर ले गए श्मशान,कोरोना से मौत के शक में नहीं आये आस-पड़ोस के लोग

 

 


  कोरोना काल में मानवीय संवेदनाएं मर चुकी हैं। वाराणसी के रामनगर में बेटे का शव 10 घंटे घर में पड़ा रहा लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया। बेसुध मां की गुहार पर भी किसी का मन नहीं पसीजा। मृतक का छोटा भाई कानपुर से बनारस पहुंचा तब जाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। घटना का वीडियो जब वायरल हुआ तो स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जागे और श्मशान घाट पहुंचाने में मदद की।रामनगर किले के पास स्थित मोटरखाने में रहने वाले प्रशांत (44) की रविवार की सुबह मौत हो गई। प्रशांत की मौत को लेकर लोगों में चर्चाएं तेज हो गईं कि उसकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई है। कोरोना से मौत की सूचना मिलने पर आसपड़ोस में रहने वाले उसके दरवाजे पर झांकने तक नहीं पहुंचे।प्रशांत की विधवा मां मधु सक्सेना तो बेटे की मौत से बेसुध सी हो गई थी। छोटा बेटा विशाल सक्सेना कानपुर में रहकर नौकरी करता है। भाई की मौत की सूचना पर वह देर शाम तक घर पहुंचा। भाई के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। घटना की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी।इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस और नगरपालिका कर्मी उसके आवास पर पहुंचे। सभासदों ने कंधा देने से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों का साथ दिया। हालांकि कुछ दूरी कंधा देने के बाद नगर पालिका प्रशासन के कर्मचारी ट्राली पर शव को रखकर शमशान घाट तक ले गए। जबकि कंधा देने वालों ने ट्राली पर शव ले जाने पर आपत्ति जताई पालिका प्रशासन की ओर से शव को ले जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं किए जाने की चर्चा होती रही। रामनगर श्मशान घाट पर छोटे भाई विशाल ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी। इस दौरान अशोक साहनी, सभासद संतोष गुप्त, संतोष शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, संजय यादव, मनोज समेत कई लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शवों के अंत्येष्टि कर्म के लिए  गठित समिति के सदस्य संजय पाल भी मौके पर पर पहुंचे। प्रशांत के अंतिम संस्कार की रस्में स्थानीय श्मशान घाट पर पूरी की गईं।

Sources:Agency News

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