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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

पाकिस्तान- कट्टरपंथियों के हिंसक प्रदर्शन से इमरान सरकार परेशान सोशल मीडिया पर लगा बैन

  


इस्लामाबाद /  पाकिस्तान ने एक कट्टरपंथी धार्मिक संगठन के हिंसक प्रदर्शनों के बाद ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों की सेवाओं पर शुक्रवार को अस्थायी रोक लगा दी ताकि इनका इस्तेमाल प्रदर्शनों के आयोजन के लिए न किया जा सके। उक्त संगठन को सरकार की तरफ से अब प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान (टीएलपी) के तीन दिन के हिंसक प्रदर्शनों के बाद बृहस्पतिवार को उसे प्रतिबंधित कर दिया। यह संगठन सरकार पर फ्रांस में पिछले साल प्रकाशित कथित ईश निंदात्मक कार्टून को लेकर वहां के राजदूत को निष्कासित करने का दबाव बनाना चाहता था।टीएलपी ने अपने मुखिया साद हुसैन रिजवी की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। टीएलपी समर्थकों की कई शहरों और कस्बों में इस हफ्ते की शुरुआत में पुलिस से हिंसक झड़प हुईजिसमें सात लोगों की मौत हो गई और करीब 300 पुलिसकर्मी घायल हो गए। शुक्रवार की नमाज के बाद प्रदर्शनों को रोकने के लिए, आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चार घंटे के लिए सोशल मीडिया की सेवाओं को बंद रखने का निर्देश दिया।पीटीए ने एक अधिसूचना में कहा कि, “सोशल मीडिया मंचों (ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सऐप, यूट्यूब और टेलीग्राम) पर पहुंच पूरी तरह अवरुद्ध हो।’’ पीटीए ने सेवाओं पर रोक के कारण नहीं बताए लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ऐसी आशंका थी कि प्रदर्शनकारी प्रदर्शनों के आयोजन के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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