सचिवालय घेराव पर अड़े उपनलकर्मी,प्रशासन और उपनलकर्मियों के बीच टकराव के आसार

समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर चार दिन से आंदोलनरत उपनलकर्मी शुक्रवार को प्रस्तावित सचिवालय घेराव पर अड़ गए हैं। जबकि, जिला प्रशासन ने इसके लिए अनुमति देने से इनकार किया है। इसे लेकर उपनलकर्मियों और प्रशासन के बीच टकराव के आसार हैं। उल्लेखनीय है कि उपनल कर्मचारी महासंघ के बैनर तले उपनलकर्मियों के विभिन्न संगठन चार दिन से प्रदेशव्यापी आंदोलन पर हैं। पहले दो दिन उपनलकर्मियों ने कार्यबहिष्कार कर सहस्त्रधारा रोड पर धरना दिया और फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसी क्रम में उपनलकर्मियों ने मांगें न माने जाने से आक्रोशित होकर शुक्रवार को सचिवालय घेराव की चेतावनी दी थी। इसके लिए महासंघ ने जिला प्रशासन से अनमुति भी मांगी थी, लेकिन जिला प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने भी महासंघ के धरने को समर्थन दिया है। प्रहलाद सिंह, अरुण पांडे, चौधरी ओमवीर सिंह और चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष बनवारी सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील देवली, फार्मासिस्ट एसोसिएशन की प्रतिनिधि सुधा कुकरेती ने आंदोलन का समर्थन किया।  महासंघ के मुख्य संयोजक महेश भट्ट ने कहा कि सरकार उपनलकर्मियों के आंदोलन के प्रति कतई गंभीर नहीं है। इसके बजाय उपनल प्रबंधन सभी विभागों को उपनलकर्मियों की सेवा समाप्ति का पत्र भेज रहा है। इस मौके पर उपनल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कुशाग्र जोशी, महामंत्री हेमंत रावत, दीपक चौहान, भावेश जगूड़ी, विद्यासागर धस्माना, विनोद गोदियाल, हरीश कोठारी, विजयराज खंकरियाल, नरेश शाह, हिमांशु जुयाल, मनोज सेमवाल आदि मौजूद रहे। उपनल कर्मचारियों को दिया परिषद ने समर्थन उपनल कर्मचारी महासंघ के आंदोलन स्थल पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का प्रतिनिधिमंडल समर्थन देने पहुंचा। इस मौके पर परिषद के नेताओं ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, चौधरी ओमवीर सिंह ने कहा कि वह उपनल कर्मचारियों की मांगों को समर्थन करते हैं। सरकार से मांग करते हैं कि वह उनकी मांगों के समर्थन में कार्रवाई करे। उन्होंने  अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से भी इस मामले में फैसला लेने का अनुरोध किया। Sources:AmarUjala