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मार्च से लगेगी 12 से 14 साल तक के बच्चों को वैक्सीन

जैसा की मालूम है कि देश में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान बहुत तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में 3 जनवरी से सरकार ने 15 से 18 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू किया था। इसके अलावा 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज की भी शुरुआत हो चुकी है।]  इन सबके बीच बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर अच्छा समाचार आ रहा है। आपको बता दें देश में मार्च महीने से 12 से 14 साल तक के बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन लगना शुरू हो जाएगा। इस बात की जानकारी टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के प्रमुख एनके अरोड़ा ने दी। आपको बता दें कि देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड.19 रोधी टीकों की 157.20 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर बताया कि 3 जनवरी से अब तक 15.18 आयु वर्ग के 3.5 करोड़ से अधिक बच्चों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज़ लगा दी गई है।  वहीं देश में टीकाकरण अभियान का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसने वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई को बेहद मजबूत बनाया और इसके चलते ही लो

जो बाइडेन प्रशासन ने बदली ट्रंप की अमेरिकी शरणार्थी नीति, अब लोगों को शरण मिलने की उम्मीद

सैन डिएगो / अमेरिका में शरण चाहने वाले लोगों के लिए पूरानी नीति बहाल कर जो बाइडेन प्रशासन के शनिवार को शरणार्थियों के एक जत्थे को देश में आने की इजाजत दे दी जिसके बाद मैक्सिको में लोगों के इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों तक प्रभावी रही अमेरिकी शरणार्थी नीति पलट दी थी। बाइडन प्रशासन ने उसे अब बहाल कर दी है। उल्लेखनीय है कि ‘रिमेन इन मैक्सिको’ के तहत सक्रिय मामलों वाले अनुमानत: 25,000 लोग अमेरिका में शरण के लिए मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनमें से 25 लोगों के जत्थे को अमेरिका में दाखिल होने की अनुमति दी गयी है। ये अब सीमा के दक्षिण में रहने की जगह अमेरिका में रह कर अदालती सुनवाई का इंतजार करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने लोगों को आगाह किया है कि वे सीमा पर नहीं आएं बल्कि उस वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराएं जिसे अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग शुरू कर रहा है। कोरोना वायरस महामारी के कारण मैक्सिको से आए लोगों को पृथक-वास में रखने के लिए सैन डिएगो के होटलों में ले जाया गया है। पृथक-वास की अवधि पूरी होने के बाद वे अमेरिका में अपने रिश्तेदारों, दोस्तों के पास या अन्य स्थानों पर जा पाएंगे। मैक्सिको से लगी सीमा पर भी भ्रम की स्थिति बनी है। तिजुआना सीमा पर करीब 100 लोग शुक्रवार को जमा हो गए और उन्होंने अमेरिका में दाखिल होने देने का अनुरोध किया। हालांकि अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया। Sources:Agency News

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