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देहरादून: फर्जी क्राइम ब्रांच का अधिकारी और पत्रकार बता स्पा सेंटर में घुस कर बनाया वीडियो, वायरल करने की धमकी देकर मांगे डेढ़ लाख

देहरादून /  उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में आये दिन कोई न कोई नई वारदात सामने आती है इनमें फर्जीवाडा, ब्लैकमेंलिंग के मामलों में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है।  ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहां खुद को साइबर ब्रांच का अधिकारी और पत्रकार बताकर दो युवक जबरन एक स्पा सेंटर में घुस गए। इसके बाद उन्होंने सेंटर का वीडियो बनाया और अब वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर संचालिका से डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। स्पा सेंटर की संचालिका के इस आरोप पर वसंत विहार थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उनकी तलाश की जा रही है। वसंत विहार थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान के अनुसार, शिकायतकर्ता राशि निवासी मेहूंवाला ने बताया कि उनका जीएमएस रोड पर सनसाइन स्पा के नाम से स्पा सेंटर है। उनका आरोप है कि इसी 21 अक्टूबर की शाम को जावेद मलिक और वीरेंद्र नाम के दो शख्स स्पा सेंटर में आए। जावेद ने खुद को पत्रकार और विरेंद्र ने दिल्ली पुलिस की साइबर ब्रांच का अधिकारी बताया। स्पा सेंटर में घुसते ही वह गालीगलौज करने लगे और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस घटना के वक्त राशि सेंटर म

अब तक 55 शव बरामद, टनल में जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

देहरादून / तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल से शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग से तीन शव बरामद किए गए हैं। बचाव अभियान अगले 3-4 दिनों तक जारी रहेगा। इसके अलावा एक शव मैठाणा से बरामद हुआ है। आपको बता दें कि आपदा के बाद से ही टनल के नीचे एसएफटी (सिल्ट फ्लशिंग टनल) तक पहुंचने में बाधा बन रहे मलबे के विकल्प के तौर पर आजमाया गया ड्रिलिंग का काम रविवार को अंजाम तक तो पहुंचा, लेकिन जिंदगियों को बचाने के लिए पिछले आठ दिनों से चलाए जा रहे रेस्क्यू आपरेशन के हौसले पस्त कर दिए। एसएफटी के मलबे से पटे होने की जानकारी मिलने से रेस्क्यू टीम, प्रशासन और टनल में फंसे व्यक्तियों के स्वजनों को निराश कर दिया। अब तक कुल बरामद किए गए कुल 55 शवों और 22 मानव अंगों में से 29 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, उन सभी के डीएनए सैंपल संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा जोशीमठ थाने में अब तक कुल 179 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है, जबकि अब तक कुल 55 परिजनों के डीएनए सैंपल शिनाख्त में सहायता के लिए लिए गए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। Sources:Agency News

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