यूपी में कोरोना के कारण पैरोल पर छोड़े गए 1367 सजायाफ्ता बंदी नहीं लौटे जेल, पुलिस जुटी अब तलाश में



कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते जेलों से रिहा किए गए 1367 सजायाफ्ता बंदी पैरोल की मियाद पूरी होने के बाद भी वापस नहीं लौटे हैं। अब इन सभी बंदियों को गिरफ्तार कर वापस जेल में दाखिल कराने की कसरत शुरू हुई है।




 


लखनऊ / कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते जेलों से रिहा किए गए 1367 सजायाफ्ता बंदी पैरोल की मियाद पूरी होने के बाद भी वापस नहीं लौटे हैं। अब इन सभी बंदियों को गिरफ्तार कर वापस जेल में दाखिल कराने की कसरत शुरू हुई है। डीजी जेल आनन्द कुमार ने पैरोल पर छोड़े गए सजायाफ्ता बंदियों को गिरफ्तार कर वापस जेल में दाखिल कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित जेलों के अधीक्षकों ने पैरोल पर छोड़े गए बंदियों को गिरफ्तार कर वापस जेल में दाखिल कराए जाने के लिए जिलों के एसएसपी व एसपी को पत्र लिखे हैं। पैरोल पर छोड़े गए चार बंदियों की इस दौरान मौत भी हो चुकी है।


कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के चलते बीते दिनों हाई कोर्ट ने सजायाफ्ता बंदियों को आठ-आठ सप्ताह की पैरोल पर छोड़ने का आदेश दिया था। इस कड़ी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संस्तुतियों पर 2256 सजायाफ्ता बंदियों को आठ-आठ सप्ताह की पैरोल पर छोड़ा गया था। बाद में बंदियों को आठ सप्ताह की विशेष पैरोल पर रिहा किए जाने की संस्तुति की गई थी और उसे आठ-आठ सप्ताह के लिए तीन बार बढ़ाया भी गया।










 

शासन ने पैरोल पर रिहा किये गए बंदियों को तीन दिनों के भीतर कारागार में वापस दाखिल कराने का निर्देश बीती 19 नवंबर को दिया था, जिसके बाद पैरोल पर छोड़े गए बंदियों को वापस जेल में दाखिल कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अब तक 1367 सजायाफ्ता बंदी वापस नहीं लौटे हैं। 


कारागार मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार पैरोल पर रिहा किए गए 2256 बंदियों में से चार बंदियों की मृत्यु हो गई है, जबकि 136 बंदियों की अंतिम रूप से रिहाई हो गई है। इसके अलावा 56 अन्य वाद में जेल में निरुद्ध हैं। इस तरह 2060 सजायाफ्ता बंदियों को फिर से जेल में दाखिल होना है। इनमें 693 बंदी अब तक कारागारों में वापस आ चुके हैं, जबकि पैरोल पर रिहा किए गए 1367 बंदियों की तलाश कराई जा रही है।


 


Sources:JNN