महाराष्ट्र में लग सकता है लॉकडाउन,कोरोना गाइडलाइन्स की अनदेखी पर सरकार की चेतावनी


महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर लोग इसी तरह गाइडलाइन्स को नजरअंदाज करते रहे तो राज्य में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि कोविड -19 महामारी को महाराष्ट्र में नियंत्रण और नागरिकों के अनुशासन के कारण नियंत्रण में लाया गया है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि लोग सुरक्षा उपायों का पालन नहीं करते हैं, तो यह "सुनामी की तरह" दूसरी लहर को गति प्रदान कर सकता है।


चेतावनी के रूप में महाराष्ट्र में लगातार पांचवें दिन 5,000 से अधिक कोरोना मामले सामने आए, रविवार को 5,753 नए संक्रमणों के साथ महाराष्ट्र में कोरोना मालों की संख्या 1,780,208 तक पहुंच गई। रविवार को दर्ज किए गए मामलों में से लगभग 20% अकेले मुंबई से आए थे जहां 1135 नए संक्रमण दर्ज किए गए थे। 17 नवंबर तक लगातार नौ दिनों तक राज्य में 5,000 से कम मामलों को देखा गया था जिनमें मामलों की औसत लगभग 3,628 थी। ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र कोरोनोवायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई में डट कर खड़ा है और उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि अगर कोरोना वायरस की गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया गया तो एक और लॉकडाउन लगाया जा सकता है।


ठाकरे ने कहा, "दिल्ली, अहमदाबाद और कुछ पश्चिमी राज्यों में मामलों में एक बार फिर से वृद्धि देखी गई है और हम भी लगातार इससे लड़ रहे हैं। आज महाराष्ट्र में संख्या कम हो गई है। हमें तय करना है कि हम किस रास्ते पर जाना चाहते हैं। क्या हम लॉकडाउन रास्ते पर जाना चाहते हैं? हमें अभी अपने कार्यों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। टीका तब आएगा जब वैसा कर लेंगे, लेकिन अभी के लिए कोरोनोवायरस से दूर रहने के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन ही एकमात्र दवाई है।"


स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राज्य प्रशासन दिसंबर के अंत तक महाराष्ट्र में दूसरी लहर की उम्मीद कर रहे हैं। अगले कुछ आठ-10 दिन यह पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि वृद्धि कितनी बड़ी हो सकती है। मुख्यमंत्री ने राज्य को अपने संबोधन में कहा कि उन्हें अहमदाबाद, गुजरात में लगाए गए रात्रि कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग मुझे सुझाव दे रहे हैं कि रात का कर्फ्यू होना चाहिए। लेकिन कानून लागू करने से सब कुछ नहीं हो सकता। हमने दीवाली के लिए पटाखों पर प्रतिबंध नहीं लगाया इसके बजाय हमने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की ​​और इसके बाद मैंने भी इसी तरह से किया। आपसे अपील है कि अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें। "