श्रद्धालुओं और सेवादार के बीच बहस ने लिया खूनखराबे का रूप

 


दिल्ली : प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना घटित हुई, जिसने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। मंदिर परिसर में “चुन्नी प्रसाद” की मांग को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया और इस दौरान मंदिर के एक सेवादार की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रात करीब साढ़े नौ बजे झगड़े की सूचना उन्हें मिली थी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी।

पुलिस के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब कुछ श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन के बाद सेवादार से “चुन्नी प्रसाद” देने की मांग की। इस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि गुस्साए श्रद्धालुओं ने अचानक सेवादार पर हमला कर दिया और पहले घूंसे मारे, फिर लाठियों और अन्य हथियारों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इससे सेवादार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी योगेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो लंबे समय से कालकाजी मंदिर में सेवा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि योगेंद्र सिंह पिछले 14 से 15 वर्षों से मंदिर में सेवादार के रूप में श्रद्धालुओं की सेवा करते आ रहे थे और मंदिर के स्थायी सेवादारों में उनकी गिनती होती थी।

घटना के बाद गंभीर रूप से घायल योगेंद्र सिंह को तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) हेमंत तिवारी ने बताया कि इस घटना को लेकर कालकाजी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या और 3(5) संयुक्त दायित्व के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल एक आरोपी की पहचान दक्षिणपुरी निवासी 30 वर्षीय अतुल पांडे के रूप में हुई है। उसे स्थानीय लोगों ने घटना के तुरंत बाद पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने न केवल कालकाजी मंदिर क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर में श्रद्धालुओं के बीच आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर इस तरह की हिंसक घटना बेहद निंदनीय है और दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

टिप्पणियाँ