उत्तराखण्ड में प्रतिभा की नहीं कमी: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून : मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन के बीच लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड के कुशल युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के व्यापक अवसरों से जोड़ना है। समझौते के अंतर्गत स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, और नवाचार आधारित स्टार्टअप जैसे कई उभरते हुए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। यह पहल न केवल राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें जर्मनी जैसे विकसित देश में रोजगार और कौशल विकास की दिशा में नई राह भी खोलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार निरंतर युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। धामी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार विभिन्न देशों की मांग को ध्यान में रखते हुए युवाओं को उसी अनुरूप प्रशिक्षण और कौशल विकास से जोड़ने का कार्य कर रही है। युवाओं को वैश्विक मंच पर बेहतर अवसर मिल सके, इसके लिए राज्य सरकार ने विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की है। इससे युवाओं को न केवल रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उत्तराखण्ड के कई युवा पहले ही विदेशों में सफलतापूर्वक नौकरी कर रहे हैं।
इस मौके पर राज्य के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय और सी. रविशंकर भी उपस्थित रहे। जर्मन प्रतिनिधिमंडल की ओर से राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल, जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत और इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस साझेदारी को उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी के बीच एक दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदेश के युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की वैश्विक पहचान और मजबूती को भी नई दिशा प्राप्त होगी।
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