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चार दिनों में 2500 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इनवेस्टर्स के डूबे 8 लाख करोड़

  शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है और हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिनों में भी ये गिरावट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से इक्विटी निवेशकों की संपदा में 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटा। पहले मिनट में निवेशकों के करीबन 2.5 लाख करोड़ रुपए डूब गए। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 194.10 अंक या 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,562.90 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी तरफ पॉवरग्रिड और एचयूएल के शेयर लाभ में रहे। पिछले सत्र में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 634.20 अंक यानी 1.06 प्रतिशत लुढ़ककर 59,464.62 पर बंद हुआ। ऐसे आपको इस गिरावट के प्रमुख कारणों से अवगत कराते हैं।  वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रूख और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के कारण से दुनिया भर के बाजार गिरावट में हैं। अमेरिका की फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी की उम्मीद में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल की वजह से निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और जिसकी वजह से अपने पोर्टफोलियो में कम रिस्की असेट्स शामिल कर रहे हैं।  न केवल अमेरिका में

यूपी में तय समय पर होंगे विधानसभा चुनाव, घर बैठे कर सकेंगे दिव्यांग और बुजुर्ग वोटिंग

 


लखनऊ /  राज्य विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजधानी लखनऊ पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि राज्य में सही समय पर चुनाव होंगे। सभी राजनीतिक दल कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर चुनाव सम्पन्न करना चाहते हैं। प्रेस कांन्फ्रेंस में सुशील चंद्रा ने कहा कि पांच जनवरी को फाइनल वोटर लिस्ट आ जाएगी। मतदाता सूची के फाइनल प्रकाशन को लेकर यदि कोई शिकायत पांच जनवरी के बाद आती है तो उसका भी तुरंत निस्तारण किया जाएगा।मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि 80 वर्ष से ज्यादा  आयु के लोग,विकलांगजन और कोरोना से संक्रमित लोग जो मतदान केंद्र पर नहीं पहुंच सकते हैं,चुनाव आयोग उनके दरवाजे पर वोट के लिए पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक मतदाताओं की कुल संख्या 15 करोड़ से अधिक है। अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाता के वास्तविक आंकड़े आएंगे। अंतिम प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम ना आए तो वो क्लेम कर सकते हैं। अब तक 52.8 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया जा चुका है। इनमें 23.92 लाख पुरुष और 28.86 लाख महिला मतदाता हैं। 18-19 आयु वर्ग के 19.89 लाख मतदाता हैं।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि हमने सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक की थी। राजनीतिक दलों की मांग है कि समय पर चुनाव कराया जाए। रैलियों में नफरती भाषण व रैलियों में हो रही भीड़ पर भी कुछ दलों ने चिंता जताई है। पोलिंग बूथ पर पर्याप्त संख्या में महिला बूथकर्मी की भी मांग की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि साल  2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 61 फीसद मतदान हुआ था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 59 फीसद मतदान हुआ था। यह चिंता का विषय है कि जिस राज्य में लोगों में राजनीतिक जागरूकता अधिक है वहां मतदान प्रतिशत कम क्यों है?हमारी कोशिश है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाया जाए।


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