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इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

गुरुग्राम : प्रार्थना सभा में घुसकर लगाए जय श्री राम के नारे,नमाज के बाद अब क्रिसमस पर भी ऐतराज

 


 हरियाणा के गुरुग्राम जिले में खुले में नमाज पढ़ने के बाद अब क्रिसमस की प्रार्थना सभा को लेकर विरोध का मामला सामने आया है। यहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर क्रिसमस की पूर्व संध्या पर एक हुए कार्यक्रम में घुसकर क्रिसमस की प्रार्थनाओं में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।जानकारी के अनुसार, पटौदी के नरहेड़ा रोड पर स्थित एक निजी स्कूल में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम को कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहुंचे थे। ईसाई धर्म के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की जानकारी मिलते ही आस-पास रहने वाले हिंदू समाज के लोग और हिंदू संगठनों से जुड़े सदस्य भी स्कूल में पहुंच गए।

वहां जाकर उन्होंने सुना कि लोगों को प्रभु यीशू के बारे में बताया जा रहा था और उनके बताए गए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया और कुछ लोगों ने स्टेज पर भाषण दे रहे लोगों को नीचे उतारकर वहां जय श्री राम के नारे लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।मामले को लेकर पटौदी थाना प्रभारी ने बताया कि उनके पास इस मामले में किसी की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं आई है। बता दें कि, निजी स्कूल के पड़ोस में रहने वाले एक ईसाई धर्म के व्यक्ति ने क्रिसमस मनाने के लिए गुरुवार शाम को स्कूल में जगह मांगी थी। वहां प्रार्थना सभा चल रही थी और बड़ी संख्या में लोगों को उस सभा में आमंत्रित किया गया था।

इससे पहले, पिछले दिनों पटौदी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में धर्मांतरण को लेकर एक महासभा का आयोजन भी किया गया था, जिसमें काफी बवाल हुआ था। इस महासभा का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को धर्मांतरण न करने के प्रति जागरूक करना था। उसके बाद से ही हिंदू संगठन क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय हो गया था।

Sources:Hindustan Samachar

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