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इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

उत्तराखंड : आरटीओ चेक पोस्टों पर कटेंगे ऑटोमेटिक चालान, सीमाओं पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे

 


 उत्तराखंड आने वाले वाहनों की निगरानी अब हाइटेक कैमरों से होगी। इसके लिए परिवहन विभाग पहले चरण में पांच चेकपोस्टों पर एएनपीआर कैमरे लगाने लगाने जा रहा है। इन कैमरों की मदद से यदि वाहन का टैक्स जमा नहीं है या वाहन के कागजातों में कुछ और कमी है तो ऑटोमेटिक चालान कट जाएगा। इसका संदेश वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा।उत्तराखंड में दूसरे राज्यों की सीमा पर परिवहन विभाग की करीब बीस चेकपोस्ट थीं। यहां पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को रोककर उनके कागजात चेक किए जाते थे। लेकिन इसी महिने एक दिसंबर को विभाग ने सभी चेकपोस्ट खत्म कर यहां तैनात स्टाफ को आरटीओ और एआरटीओ दफ्तरों में शिफ्ट कर दिया था। तब से बाहरी राज्यों के वाहन बिना जांच पड़ताल के राज्य में आ रहे हैं। ऐसे में परिवहन विभाग अब वाहनों की चेकिंग के लिए हाईटेक तकनीकी का इस्तेमाल करने जा रहा है। इसके लिए चेकपोस्ट पर एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिन चेकपोस्टों पर यह कैमरे लगाए जाएंगे उनमें आशारोड़ी, कुल्हाल, नारसन, चिड़ियापुर शामिल हैं। आरटीओ (प्रवर्तन) देहरादून सुनील शर्मा ने बताया कि चेकपोस्ट पर चालान के लिए हाईटेक कैमरे लगाए जाने हैं। पहले चरण में पांच चेकपोस्ट लगाए जा रहे हैं। इसमें ऑनलाइन ही मालिक के पास चालान चला जाएगा। चेकपोस्टों पर एएनपीआर कैमरा लगाने में भारी खर्चा आ रहा है। एक चेकपोस्ट पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 20 लाख रुपये कंट्रोल रूम बनाने में लगेंगे। इसीलिए परिवहन विभाग चरणबद्ध तरीके से चेकपोस्टों पर कैमरे लगा रहा है।कुल्हाल, मंगलौर, आशारोड़ी, रुद्रपुर, बाजपुर, ठाकुरद्वारा, चिड़ियापुर, इकबालपुर, तिमली, पुलभट्टा, मझोला, सितारगंज, कौड़िया, नादेही, जसपुर, दोराहा, बनबसा, त्यूनी, मेघालघाट आदि।

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