उत्तराखंड: घर-घर जाकर लगाएं कोविड के टीके , सीएम ने दिए प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ाने के निर्देश

 


 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की रोकथाम के लिए अधिकारियों को सैंपल जांच बढ़ाने और घर-घर जाकर कोविड टीके लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए केंद्र की गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अलावा संक्रमण के लक्षण पर अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर जांच करें। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड वैक्सीन की पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है।दूसरी डोज लगाने के लिए और तेजी से काम किया जाए। ‘हर घर दस्तक’ अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। सीएम ने निर्देश दिए कि जिन लोगों को कोरोना के लक्षण हैं, उन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य रूप से करवाया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए। इसके लिए अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए।मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को लक्ष्य के अनुसार सैंपल जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों व कोरोना योद्धाओं का आरटीपीसीआर जांच की जाए। राज्य की सीमाओं पर रेंडम टेस्ट की जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाए।बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डा. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, एसए मुरूगेशन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी रविशंकर, सूचना महानिदेशक डा. रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।मुख्यमंत्री ने कांटेक्ट ट्रेसिंग के माध्यम संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की आरटीपीसीआर जांच की जाए। कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान विकसित किए गए आईसीयू, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर सुचारु करें। एक सप्ताह बाद फिर से मुख्यमंत्री स्तर पर कोविड की समीक्षा की जाएगी।  सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि पहले राज्य में कोरोना जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी। वर्तमान में 11 सरकारी और 26 प्राइवेट लैब हैं। वर्तमान में आइसोलेशन बैड 31 हजार से अधिक हैं। जबकि आईसीयू की संख्या 1655 हो गई है। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए आईसीयू में 53 प्रतिशत वृद्धि की गई है। मार्च 2020 में 116 वैंटिलेटर थे जो कि अब बढ़कर 1016 हो गई है। आक्सीजन सिलिंडर 22420 हैं। आक्सीजन कन्सेंट्रेटर बढ़ा कर 9838 किए गए हैं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में 91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। कोविड की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां की गई है। 2097 ऑक्सीजन बेड, 475 एनआईसीयू, 465 पीआईसीयू बच्चों के लिए चालू किए गए हैं। 



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