नरेंद्र गिरि के सबसे करीबी सुमित से राज उगलवा रही सीबीआई, हैंडराइटिंग की भी हो रही जांच

 


  महंत नरेंद्र गिरि के करीबियों के बारे में पता लगाकर सीबीआई उनसे राज उगवाने में लगी है। रोज मठ जाकर सेवादारों और करीबियों से अब सीबीआई पूछताछ कर रही है। सीबीआई की कोशिश है कि कहीं कोई इनपुट मिले, जिससे मठ के विवादों का पता लग सके। अभी तक सीबीआई ने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे के अलावा किसी अन्य को आरोपी नहीं बनाया है। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिन से सीबीआई मठ पहुंचकर यही पूछताछ करती रही कि महंत नरेंद्र गिरि का सबसे करीबी कौन था। एक-एक करके सभी सेवादारों से पूछताछ की। इस बीच सभी से यह जानकारी मिली कि अंतिम समय में सुमित ही सबसे करीबी था। उसी ने 20 सितंबर की शाम दरवाजा भी खोला था। इसके बाद सीबीआई सुमित से पूछताछ करने लगी। सुमित से पहले सामान्य सवाल पूछे गए। 20 सितंबर की घटना की पूरी जानकारी ली। ऐसे सवाल उससे पहले भी किए जा चुके हैं। लेकिन बार-बार एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि 20 सितंबर को कहां थे। क्या कर रहे थे। मठ में कौन आया था। सुबह महंत का स्वभाव कैसा था। उन्हें गुस्सा कब आता था। कब वह अकेले रहना पसंद करते थे। इसके अलावा सुमित व अन्य सेवादारों की दिनचर्या जानने की कोशिश सीबीआई कर रही है। इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि का हिसाब रखने वाले सेवादार से भी पूछताछ की जा रही है। सीबीआई मठ में महंत के करीबी सेवादारों के हैंडराइटिंग की जांच भी करा रही है। बताया जा रहा है कि मठ में रहने वाले करीबी सेवादारों के लिखे हुए अभिलेख सीबीआई ने कब्जे में ले लिए हैं। उनकी हैंडराइटिंग की कॉपी भी एकत्र की गई है। दरअसल कई बार महंत अपने सेवादारों से ही कोई आवेदनपत्र या मठ से जुड़े मुद्दे पर रिपोर्ट लिखवाते थे। इसके बाद उसमें वह हस्ताक्षर कर देते थे। ऐसे में सीबीआई सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच के दौरान हर पहलू को ध्यान में रख रही है। हैंड राइटिंग एक्सपर्ट जांच के दौरान सेवादारों से लिए गए नमूनों की जांच भी करेंगे। सबका मिलान कराया जाएगा। इससे पहले सीबीआई ने महंत नरेंद्र गिरि के लिखे अभिलेखों को कब्जे में लिया था।

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