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देहरादून : सीएम ने परेड ग्राउंड का लिया जायजा, पीएम दून जनसभा में 30 हजार करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात

    देहरादून /  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार दिसंबर को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। वे देहरादून में जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तैयारियों का जायजा लेने परेड ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन को समय से सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान 30 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, आइजी इंटेलीजेंस संजय गुज्याल, जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार, एसएसपी जन्मेयजय खंडूड़ी और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट मोड में है। शनिवार को जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी समेत तमाम अधिकारियों ने परेड ग्राउंड का सघन निरीक्षण किया है। प्रशासन की मशीनरी दिनभर यह तय करने में जुटी रही कि परेड ग्राउंड को जनसभा के लिए किस तरह तैयार करना ह

अखिलेश और जयंत की जोड़ी अब वेस्ट यूपी में साधेगी मुस्लिम.दलित.जाट समीकरण को

 

 



जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, मेरठ समेत वेस्ट यूपी में सपा-रालोद गठबंधन जातीय समीकरण को साधने में जुट गया है। मुस्लिम-दलित-जाट समीकरण को साधने पर जोर है। इसके तहत योगेश वर्मा, कादिर राणा, शाहिद अखलाक, हरेंद्र मलिक और अब सिवालखास के पूर्व विधायक विनोद हरित को भी गठबंधन में शामिल किया गया है।सपा-रालोद गठबंधन के नेताओं की नजर बसपा और भाजपा के नाराज लोगों पर हैं। बसपा, भाजपा के नेताओं को सपा-रालोद में शामिल कर जातीय समीकरण को साधा जा रहा है और उसी के तहत चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी। सपा और रालोद के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुस्लिम-दलित-जाट समीकरण ही सबसे महत्वपूर्ण है। मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली मंडल के 14 जिलों की 71 सीटों पर इस समीकरण का दबदबा माना जाता है। इसी रणनीति के तहत सपा और रालोद के नेता लगातार काम कर रहे हैं। कभी कोई नेता सपा में शामिल हो रहा है तो कभी रालोद में। दोनों दलों की नजर बसपा और भाजपा के उन नाराज नेताओं पर हैं जो किसी न किसी कारण से या तो पार्टी से निष्कासित है या असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।इसी कड़ी को देखते हुए पहले पूर्व विधायक योगेश वर्मा को सपा में शामिल किया गया। इसके बाद कादिर राणा शामिल हुए। शाहिद अखलाक, हरेंद्र मलिक का भी सपा में शामिल होना लगभग तय है। दोनों के साथ आने की जमीन तैयार हो चुकी है। वहीं अब सिवालखास के पूर्व विधायक विनोद कुमार हरित का रालोद में शामिल होना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पूर्व एमएलसी और भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष राजकुमार त्यागी भी भाजपा में असंतुष्ट माने जा रहे थे। वे भी रालोद में शामिल हो चुके हैं। आने वाले समय में बसपा और भाजपा के कुछ और नेता भी इस गठबंधन में शामिल होंगे। उसके बाद दोनों दलों की साझा रणनीति तैयार होगी।

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