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चार दिनों में 2500 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इनवेस्टर्स के डूबे 8 लाख करोड़

  शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है और हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिनों में भी ये गिरावट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से इक्विटी निवेशकों की संपदा में 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटा। पहले मिनट में निवेशकों के करीबन 2.5 लाख करोड़ रुपए डूब गए। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 194.10 अंक या 1.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,562.90 पर कारोबार कर रहा था। दूसरी तरफ पॉवरग्रिड और एचयूएल के शेयर लाभ में रहे। पिछले सत्र में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 634.20 अंक यानी 1.06 प्रतिशत लुढ़ककर 59,464.62 पर बंद हुआ। ऐसे आपको इस गिरावट के प्रमुख कारणों से अवगत कराते हैं।  वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रूख और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के कारण से दुनिया भर के बाजार गिरावट में हैं। अमेरिका की फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढोतरी की उम्मीद में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल की वजह से निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और जिसकी वजह से अपने पोर्टफोलियो में कम रिस्की असेट्स शामिल कर रहे हैं।  न केवल अमेरिका में

जम्मू-कश्मीर: पुंछ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़

 


  जम्मू संभाग में पुंछ जिले के मेंढर सब-डिवीजन के भाटादूड़ियां इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर रखी है ताकि आतंकियों को भागने का मौका न मिल सके। पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरनकोट से बिंबरगली के बीच सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। गुरुवार शाम को आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर जिले में 60 घंटे के भीतर दूसरा हमला किया था। जिसमें सेना के एक जेसीओ समेत दो जवान शहीद हो गए। जिस समय हमला हुआ उस समय सेना की 48 आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स), 16 आरआर और एसओजी इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे।सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार शाम से पुंछ जिले के मेंढर में काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन जारी है। ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई। जिसमें राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और राइफलमैन योगंबर सिंह शहीद हो गए। राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी व राइफलमैन योगंबर सिंह ने अनुकरणीय साहस देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए हमेशा ऋणी रहेगा। राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी जिला टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड और रायफलमैन योगंबर सिंह जिला चमोली उत्तराखंड के रहने वाले थे।इससे पहले सोमवार सुबह पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के चमरेड़ जंगल में आतंकियों की ओर से घात लगा कर किए गए हमले में सेना की 16 आरआर का एक जेसीओ और चार जवान शहीद हो गए थे। उसके बाद पिछले 60 घंटे से सुरक्षाबल चमरेड़ से लेकर देहरागली में आतंकियों के खिलाफ सर्च अभियान चला रहे हैं।


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