उ.प्र: मंहगाई के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का विधानसभा से बायकाट

 

 



लखनऊ /  उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसूत्र सत्र के दूसरे दिन बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर सदन से बहिर्गमन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। उसके पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मंहगाई के मुद्दे पर सपा, कांग्रेस और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सदस्यों की नारेबाजी के कारण लगभग 75 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और कांग्रेस की दल नेता आराधना मिश्र ने कार्य स्‍थगन प्रस्‍ताव लाकर विधानसभा की कार्यवाही रोकने एवं मंहगाई के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। चौधरी ने कहा, भारतीय जनता पार्टी की सरकार में घनघोर, कमरतोड़, जानलेवा मंहगाई है और हर चीज मंहगी हुई है। इस सरकार में केवल लोगों का जान मार देना सस्ता है।उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई से जनता में भयंकर आक्रोश है जो कभी भी भयावह रूप ले सकता है, इसलिए सदन की कार्यवाही रोककर इसपर चर्चा कराई जाए। चौधरी ने दवा, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दामों की वृद्धि का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। आराधना मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश की संपूर्ण जनता मंहगाई से त्रस्त है और लोगों को घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में और कोई विकास भले न हुआ हो लेकिन, मंहगाई का विकास खूब हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मौतें हुई तो श्‍मशान घाट पर लोगों ने शव जलाने के लिए दस गुना मंहगी लकड़ी खरीदी। आराधना ने भी मंहगाई के आंकड़े पेश करते हुए सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी सदस्यों को जवाब देते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोविड काल में योगी सरकार ने जितने भी मरीज थे, सभी का निशुल्क उपचार कराया और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सबके जीवन रक्षा की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अन्‍तर्राष्‍ट्रीय बाजार से निर्धारित होती हैं और उत्‍तर प्रदेश में जयपुर (राजस्थान), आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की अपेक्षा पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हैं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों की मांग को बेबुनियाद बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से प्रस्ताव को स्वीकार न करने का अनुरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्‍वीकार करते ही सपा और कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गये।इसके पहले सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मंहगाई के मामले को लेकर सपा और कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुये अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। जिस कारण अध्यक्ष ने पहले 40 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की और बाद में इसे 35 मिनट के लिए और बढ़ाकर बारह बजकर बीस मिनट तक के लिये स्थगित कर दिया गया। बुधवार को सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही सपा और कांग्रेस के सदस्यों ने मंहगाई के मुद्दे पर अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी शुरू कर दी। नेता विपक्ष ने कहा कि मंहगाई चरम पर है, खाद्य सामग्री, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की मंहगाई से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। चौधरी के इतना कहते ही सपा के सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। कांग्रेस के सदस्य भी वहां आकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के दल नेता ओमप्रकाश राजभर भी अपने दल के सदस्यों के साथ अध्यक्ष के आसन के सामने आ गये और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंहगाई का राज्य सरकार से कोई संबंध नहीं हैं।उन्होंने कहा, “आप लोगों का रंगारंग कार्यक्रम हो गया हो, तो सदन चलने दे”। विपक्षी सदस्य हालांकि नारेबाजी करते रहे। इसके बाद दीक्षित ने ग्यारह बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही 40 मिनट के लिये स्थगित कर दी। बाद में इसे और 35 मिनट और बढ़ाकर बारह बजकर बीस मिनट तक के लिये स्थगित कर दिया गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त से शुरू हुआऔर यह 24 अगस्त तक चलेगा।