खालिस्तानी संगठन की धमकी, पंजाब का हिस्सा है हिमाचल; CM को नहीं फहराने देंगे तिरंगा

 

 



खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस की ओर से हिमाचल प्रदेश के सीएम को तिरंगा झंडा न फहराने देने की धमकी का मामला सामने आया है। उग्रवादी संगठन की ओर से कहा गया है कि वे पहाड़ी राज्य में सीएम जयराम रमेश को तिरंगा नहीं फहराने देंगे। खालिस्तान समर्थक ग्रुप का कहना कि हिमाचल प्रदेश भी पंजाब रियासत का हिस्सा रहा है, ऐसे में वहां तिरंगा नहीं फहराने देंगे। यह धमकी एक रिकॉर्डेड फोन कॉल के जरिए शिमला स्थित कई पत्रकारों को शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर के 12:30 बजे के बीच दी गई है। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय गुरपतवंत सिंह पन्नुन के तौर पर कराया है और खुद को सिख्स फॉर जस्टिस नाम के संगठन का जनरल काउंसल बताया है।गुरपतवंत सिंह नाम के शख्स ने कॉल पर कहा कि वे सीएम जयराम ठाकुर को तिरंगा झंडा नहीं फहराने देंगे। उसने कहा कि वह वॉशिंगटन डीसी से बोल रहा है। उसने धमकी देते हुए कहा, 'हिमाचल प्रदेश कभी पंजाब का ही हिस्सा हुआ करता था और हम पंजाब में रेफरेंडम की मांग करते हैं। एक बार पंजाब को आजाद कराने के बाद हम हिमाचल प्रदेश के उन इलाकों को भी वापस लेंगे, जो कभी पंजाब रियासत का ही हिस्सा रहे हैं।' पन्नुन ने इसके साथ ही किसानों और खालिस्तान समर्थकों से कहा कि वे सीएम जयराम ठाकुर को तिरंगा झंडा न फहराने देंगे।पत्रकारों के अलावा हिमाचल प्रदेश के कुछ आम लोगों ने भी इस तरह की कॉल आने की पुष्टि की है। वहीं इन वाकयों के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक ट्वीट कर कहा है कि हम किसी भी तरह के खतरे से निपटने में सक्षम हैं। हिमाचल पुलिस ने ट्वीट किया, 'हमें खालिस्तान समर्थक तत्वों की ओर से कुछ रिकॉर्डेड मेसेज मिलने की बात पता चली है। जो पत्रकारों को भेजे गए हैं। हिमाचल प्रदेश की पुलिस राज्य की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है। इसके अलावा राष्ट्रविरोधी तत्वरों पर लगाम कसने में भी हम सक्षम हैं, जो राज्य में शांति और सुरक्षा के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं। हम केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर उन्हें रोकने के लिए तत्पर हैं।'

Himachal Pradesh Police is fully capable of securing the State & preventing anti-national elements to thwart peace & security in HP.

 

 अमेरिका स्थित सिख्स फॉर जस्टिस नाम का संगठन अकसर रेफरेंडम 2020 नाम की मुहिम चलाता रहा है। जिसका मकसद पंजाब में अलगाववाद फैलाना रहा है। लेकिन यह पहला मौका है, जब पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में उसकी ओर से ऐसा कोई संदेश भेजे जाने की बात सामने आई है।

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