कर्नाटकः सियासी कुनबे में रार, नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को लंच पर बुलाया

 

 



बेंगलुरू /  कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की तरफ इशारा करने वाले ऑडियो क्लिप के वायरल होने के एक दिन बाद भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने उसे भर्जी बताया। साथ ही उन्होंने ऑडियो क्लिप की जांच की मांग की और कहा कि यह आवाज उनकी नहीं है। कतील ने दिल्ली जाने से पहले कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरी जांच का अनुरोध किया है। सच सामने आ जाएगा।कथित ऑडियो क्लिप में ईश्वरप्पा, जगदीश शेट्टार की पूरी टीम को हटाने और दिल्ली से नए मुख्यमंत्री के चयन किए जाने चर्चा हो रही है। इस ऑडियो क्लिप में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नाम का उल्लेख नहीं किया गया। इसमें सुनाई दे रहा है कि किसी को बताना मत, ईश्वरप्पा, जगदीश शेट्टार की पूरी टीम हटाई जाएगी। हम नई टीम बना रहे हैं।आपको बता दें कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात के बाद और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच यह कथित ऑडियो क्लिप वायरल हो गई। हालांकि कतील ने इसे फर्जी बताया है।अंग्रेजी समाचार पत्र 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक में जारी विवादों पर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा चुप्पी साधे हुए हैं। इसी बीच उन्होंने भाजपा विधायक दल की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवालय कर्मचारियों को लंच पर आमंत्रित किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद विधान सौध में लंच के लिए विधायकों की मेजबानी करने की योजना बनाई है।रिपोर्ट के मुताबिक विधायकों को लंच पर बुलाने से पहले बीएस येदियुरप्पा 23 या 24 जुलाई को अपने गृह जिले शिवमोग्गा में कई अहम परियोजनाओं का उद्धाटन कर सकते हैं।

इस्तीफा देने को तैयार हैं केएस ईश्वरप्पा

 कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने ऑडियो क्लिप मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें पद छोड़ने के लिए कहती है तो वह ऐसा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं 72 साल का हूं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं कल जाकर इस्तीफा दूंगा। मैं पार्टी के फैसले का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।बीएस येदियुरप्पा के आलोचक रहे भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने ऑडियो क्लिप की जांच कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार पर इसे लीक कराने का आरोप लगाया है।