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लगा है आना जाना..... अब टिहरी से भाजपा विधायक धन सिंह नेगी को रास आया हाथ

देहरादून: इस बार का विधानसभा चुनाव लगता है कांग्रेस और भाजपा दोनो के लिए डू एण्ड डाई बाला बन गया है। कई दिनों से लगातार कांग्रेस से भाजपा और भजपा से कांग्रेस मे आने का दौर जारी है। खैर दल-बदल की राजनीति तो आजकल सियासत की पाठशाला का ट्रेण्ड बन गया है।  लेकिन एक बात तो गौर करने वाली है कि मौजूदा सरकार के मंत्री या विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो जाहिर सी बात है कि एक्टिंग सरकार की वापसी दोबारा असंभव बन जाती है। आज ही कांग्रेस के दिग्गज किशोर उपाध्याय जहां भाजपा कुनबे में शामिल हो गये वहीं बड़ी खबर आ रही है कि अब टिहरी विद्यायक धन सिंह नेगी कांग्रेस में शामिल हो गये। उम्मीद की जा रही है कि वे टिहरी से कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं वैसे वैसे सियासी पारा उतार-चढ़ाव पर है। वैसे भी  उत्तराखंड का मौसम और सियासत का कुछ नहीं पता चलता कब क्या हो जाये कोई नहीं जानता। 

नानकमत्ता गुरुद्वारा विवाद : गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी पदाधिकारियों का इस्तीफा,लौटी फोर्स

 

  


 गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के परिसर में मर्यादा के विरुद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर चल रहे विवाद का तीसरे दिन बुधवार को पटाक्षेप हो गया। श्री अकाल तख्त साहिब की तीन सदस्यीय जांच कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में प्रबंधक समिति के चारों पदाधिकारियों ने संगत के आक्रोश को देखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से निर्णय आने तक के लिए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बैठक में मौजूद सदस्यों में से पांच सदस्यों का पर्चियां डालकर चयन किया गया जिन्हें निर्णय आने तक गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन का अधिकार दिया गया। प्रबंधक समिति के इस्तीफे के बाद आक्रोशित संगत घरों को लौट गई।24 जुलाई को सीएम के गुरुद्वारा साहिब दर्शन के लिए आने पर जोड़ा घर के समीप सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से सिख संगत में गहरा आक्रोश था। मंगलवार को यूपी और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों की सिख संगत गुरुद्वारा साहिब परिसर में जुटी। संगत प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों के इस्तीफे और डेरा कारसेवा को हटाने की मांग कर रही थी। मामला जब श्री अकाल तख्त साहिब के दरबार में पहुंचा तो वहां से सिंह साहिबान जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित कर गुरुद्वारा साहिब में उपजे विवाद की जांच करने के लिए भेजी। जांच समिति ने यहां पहुंचकर संगत व पदाधिकारियों से विवाद को लेकर वार्ता की और विभिन्न बिंदुओं पर लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगा। संगत के आक्रोश को देखते हुए देर रात तक बैठक चलती रही और फिर बुधवार को सुबह 11 बजे से पुन: बैठक करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को नियत समय पर संगत गुरुद्वारा साहिब के कार्यालय पर जमा होने लगी और दोपहर करीब 12 बजे बैठक आरंभ हो गई। निर्वाचित 27 सदस्यों में से 25 सदस्यों की उपस्थिति में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का निर्णय आने तक प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिंह, कार्यवाहक महासचिव धन्ना सिंह, उपप्रधान जसविंदर सिंह गिल, सचिव केहर सिंह ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। बैठक में सर्वसम्मति से पर्ची डालकर निर्वाचित सदस्यों में से ही जरनैल सिंह (अमरिया), सुखदीप सिंह विर्क (पूरनपुर), कुलदीप सिंह पन्नू (बरेली), अमरजीत सिंह (किच्छा) व जसवीर सिंह (नैनीताल) की कमेटी गठित कर दी गई। तीन सदस्यीय जांच कमेटी व संगत के साथ नवनियुक्त कमेटी के सदस्यों ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेका। श्री अमृतसर साहिब से आए हेड ग्रंथी मलकीत सिंह ने सभी को सरोपा देकर सम्मानित किया। वहां श्री अकाल तख्त साहिब की तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य अजीत सिंह, हेड प्रचारक ज्ञानी सर्वजीत सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य महेंद्र सिंह, प्रकट सिंह, जसवंत सिंह, पाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, अमरजीत सिंह सेठी आदि थे।

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