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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

मिशन 2022: यूपी विधानसभा चुनाव के लिए वोटर लिस्ट की तैयारी शुरू,युवा और महिलाओं पर होगा फोकस

 

 



आगामी विधान सभा चुनाव के लिए तैयार की जाने वाली वोटर लिस्टर में युवा, महिला और दिव्यांग मतदाताओं के पंजीकरण पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस बारे में मतदाता जागरूकता और चुनाव में उनकी सहभागिता के लिए केन्द्रीय निर्वाचन आयोग की योजना 'स्वीप'   पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा आपस में समन्वय स्थापित कर मतदाता जागरूकता, पंजीकरण एवं सहभागिता के लिए  कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि आयोग की अपेक्षा है कि ‘‘कोई मतदाता न छूटे’’  के क्रम में समस्त अर्ह मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किये जाने की आवश्यकता है। वर्तमान में मतदाता सूचियों के निरन्तर पुनरीक्षण की कार्यवाही गतिमान है, जिसमें युवा मतदाता (18 से 19 और 19 से 30 आयुवर्ग के मतदाता), महिला मतदाता तथा दिव्यांग मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।  इसके अलावा मतदाता सूची से मृतक, डुप्लीकेट, अन्य राज्यों में चले गये वोटरों के नाम हटाने की कार्यवाही की जानी अपेक्षित है।

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