11 जुलाई को योगी सरकार ला सकती है नई जनसंख्या नीति



उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं और इससे पहले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान किया। जिसने न सिर्फ राजनीतिक पारे को बढ़ाने का काम किया अपेतु हिंदू-मुस्लिम के खेल भी शुरू होने की पूरी गुंजाइश है। सीएम आदित्यनाथ ने दो टूक कह दिया है कि उनकी सरकार यूपी में जल्द ही जनसंख्या नीति लागू करने वाली है। मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक जनसंख्या नीति बनकर तैयार है और इसे जल्द लागू भी कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवीन जनसंख्या नीति 2021-30 जारी करेंगे।  यूपी की जनसंख्या नीति को लेकर योगी आदित्यनाथ के सामने बीते दिन प्रजेंटेशन दी गई। योगी आदित्यनाथ ने पूरा प्रजेंटेशन देखा और समझा। जनसंख्या नीति का ड्राफ्ट सीएम के सामने रखा गया वो 2021 से 2030 तक के लिए है।  

जनसंख्या नीति का ड्राफ्ट देखने के बाद सीएम योगी ने पॉपुलेशन कंट्रोल को लेकर कई अहम बातें कहीं-

  • सभी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए जनसंख्या को नियंत्रित करना आवश्यक। 
  • प्रदेश के विकास के लिए जनसंख्या वृद्धि दर पर नियंत्रण जरूरी है।
  • बेहतर कल के सपने को जनसंख्या नियंत्रण से साकार किया जा सकता है।  
  • प्रस्तावित नीति में जनसंख्या वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • लोगों को बताना चाहिए कि छोटा परिवार ही समृद्धि का आधार होता है। 
  • जनसंख्या को स्थिर करके समाज की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सकता।

कैसा हो सकता है यूपी का पॉपुलेशन कंट्रोल कानून?

 माना जा रहा है कि टू चाइल्ड पॉलिसी को लेकर सरकार का  जोर होगा। ऐसा होने पर दो बच्चे होने पर ही सरकारी सुविधा मिलेगी। दो बच्चे होने पर ही सरकारी सब्सिडी मुहैया होगी। इसके अलावा 2 बच्चे होने पर ही मुफ्त राशन और बच्चों को सरकारी स्कूल में एडमिशन मिलेगा। 

क्यों लेना पड़ा ये फैसला?

उत्तर प्रदेश की बढ़ती आबादी पर अंकुश लगाने के लिये राज्य का विधि आयोग एक कानून के मसौदे पर विचार कर रहा है। इस वक्त यूपी की जनसंख्या 24 करोड़ से ज्यादा है। जनसंख्या के हिसाब से यूपी भारत का सबसे बड़ा राज्य है। यूपी में हालत ये है कि यहां हर स्क्वायर किलोमीटर में 828 लोग रहते हैं। बता दें कि जनसंख्या को लेकर यूपी लॉ कमीशन ने कहा था कि प्रदेश में जनसंख्या विस्फोट की स्थिति है। आबादी ज्यादा होने से संसाधनों का संकट खड़ा हो रहा है। अस्पताल, राशन और घर की कमी की बड़ी वजह बढ़ती आबादी है।