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त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के दिए निर्देश

    नई दिल्‍ली /   सुप्रीम कोर्ट त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में राज्य पुलिस की कथित मिली-भगत और निष्क्रियता के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने सरकारों को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।  अधिवक्ता ई. हाशमी की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पैरवी की। उन्‍होंने सर्वोच्‍च अदालत से कहा कि वे हालिया साम्प्रदायिक दंगों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। इस मामले में अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। भूषण ने कहा कि सर्वोच्‍च अदालत के समक्ष त्रिपुरा के कई मामले लंबित हैं। पत्रकारों पर यूएपीए के आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं कुछ वकीलों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने हिंसा के मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में अदालत की निगरानी में इसकी जांच एक स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्रीय एजेंसी और

कांग्रेस और बसपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे: अखिलेश

  


लखनऊ /  उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव तो मिशन 2022 के लिए बसपा के बागी विधायकों को अपने पाले में करना चाहता है और इसके लिए उन्होंने मंगलवार को उनसे मुलाकात की। लेकिन बागी विधायकों के साथ अखिलेश की मुलाकात बसपा प्रमुख मायावती को रास नहीं आई। उन्होंने ट्वीट कर सपा के चाल, चरित्र व चेहरा पर सवाल खड़ा किया। 

भाजपा के नेता सपा में आने का कर रहे इंतजार

इसी बीच अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में कोई विधायक स्तर का नेता आता है तो उसका पूरा-पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने इसी के साथ कहा कि भाजपा के नेता भी आना चाहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बहुत से साथियों के टिकट कट सकते हैं। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 350 से ज्यादा सीटें जीतेगी। 

बड़े दलों से नहीं करेंगे गठबंधन

सपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस और बसपा के साथ गठबंधन हो चुका है और आने वाले समय में इन दलों के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह छोटे दलों के साथ गठबंधन करेंगे। इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव के दल के बारे में भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि शिवपाल यादव की सीट जसवंतनगर पर वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगे परिस्थिति बनी तो उस पर भी विचार किया जाएगा। 

इस दौरान अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी का अभी गठबंधन आरएलडी, महान दल और जनवादी पार्टी के साथ है। बाकी छोटे दलों के साथ संपर्क में हैं। 


Sources:Prabhashakshi samachar

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