धर्मांतरण मामले में नया खुलासा, लापता लड़की ने कहा- अपनी मर्जी से किया निकाह, इसे राजनीति का मसला न बनाएं

  


  श्रीनगर /  दो सिख लड़कियों के जबरन धर्मांतरण मामले को लेकर जम्मू से दिल्ली तक में हंगामा मचा हुआ है। इसी बीच एक बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जिस लकड़ी के लापता होने का दावा किया जा रहा था उसने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के जरिए लड़की ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। युवा कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के प्रवक्ता आबिद मीर ने लापता लड़की का वीडियो साझा किया है।बता दें कि दो सिख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन मामले को लेकर राजनीति गर्माई हुई थी। श्रीनगर में दो सिख लड़कियों का जबरन निकाह किए जाने का आरोप था। जिसको लेकर दिल्ली में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मनजिंदर सिरसा के नेतृत्व में सिख समुदाय के लोगों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।

अपनी मर्जी से किया निकाह

इतना ही नहीं इस मामले में मनजिंदर सिरसा ने गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की थी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। लापता लड़की ने कहा कि मेरा मसला आज का नहीं है बल्कि 2012 में ही मैंने धर्म परिवर्तन कराया था और 2014 में मेरा निकाह मेरे बैच मेट मुजफ्फर के साथ अपनी मर्जी से किया है।

बयान देने का बनाया था दबाव

लड़की ने दावा किया कि पुलिस ने मेरे दस्तावेजों को सही से नहीं देखा और मेरा ओरल स्टेटमेंट ले रहे थे। मैंने उन्हें कहां कि मेरा लिखित बयान लीजिए। लेकिन उन्होंने इसके बावजूद मेरे पति को जेल में डाल दिया और मुझे परिवार को सौंप दिया। जो मुझे अमृतसर लेकर आ गए। जहां पर अलग-अलग संगठनों के लोग आकर मेरा ब्रेन वॉश करने की कोशिश की और मेरे मुस्लिम पति के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया। लड़की ने वीडियो में बार-बार कहा कि सबकुछ मेरी मर्जी से हुआ है और मैं किसी बेगुनाह को नहीं फंसा सकती हूं। लड़की ने कहा कि मुझे मेरे पति के पास नहीं जाने दिया जा रहा था और तो और मुझे धमकियां दी जा रही थी। मुझसे कहा जा रहा था कि लड़के के खिलाफ बयान दो नहीं तो तुम्हें गोली मार देंगे। एसिट अटैक किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने सुनी मेरी बात

लड़की ने बताया कि 6 जून से लेकर 25 जून तक मैं जम्मू में थी और उस दिन कश्मीर पुलिस का फोन आया था। उन्होंने मुझे हाई कोर्ड का आर्डर दिखाया। जहां से हमें जानीपुर पुलिस स्टेशन ले गए। जहां पर मुझे कश्मीर पुलिस को सौंपा गया। इसके बाद मुझे कोर्ट ले जाया गया। उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि कोर्ट में कोई भी गन प्वाइंट में नहीं रखता है।

उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट में जज साहिबा के सामने मैं अपनी सारी जानकारियां दी और उन्हें बताया कि मेरे पति के खिलाफ सारे बयान झूठे हैं। कोर्ट ने मेरी बात को ध्यान से सुना है।

धर्म का मसला नहीं बनाएं

लड़की ने कहा कि आप इसे धर्म, राजनीति और अल्पसंख्या का मसला नहीं बनाए। यह कोई 2-3 दिन का मसला नहीं है बल्कि 2012 का मामला है। मैंने अपनी मर्जी से धर्मपरिवर्तन किया है। अगर मुझे दबाव दिया गया तो कश्मीर के बाहर दिया गया कि आप लड़के के पक्ष में बयान दी तो हम आपको छोड़ेंगे नहीं।

Big Statement of the #Sikh girl- It was not forced conversion.
 
 https://twitter.com/i/status/1409563506257453056