फंगस-बीएचयू अस्पताल में 111 मरीजों का इलाज जारी लेकिन इंजेक्शन का है टोटा,अब तक 35 गंवा चुके हैं जान

वाराणसी में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार धीमी पड़ी है लेकिन अब ब्लैक फंगस लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। बीएचयू अस्पताल में हर दिन ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके हिसाब से इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन बी नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी तरह इसकी जगह पोसाकोनाजोल दवा देकर काम चलाया जा रहा है। इंजेक्शन नहीं मिलने से मरीजों के परिजन भी परेशान हो गए हैं। बीएचयू में अब तक ब्लैक फंगस के 154 मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं। इसमें रविवार को एक मरीज की मौत हुई, जबकि एक को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अब कुल 154 में अब 35 की मौत, आठ मरीजों के डिस्चार्ज के बाद 111 का इलाज चल रहा है। 19 मई से 3 जून तक तीन चरण में अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएचयू को 575 इंजेक्शन दिए गए हैं।वहीं परिजन का कहना है कि कई बार कहने के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।   बीएचयू अस्पताल के  एमएस प्रो. केके गुप्ता ने कहा कि मरीजों की संख्या के हिसाब से इंजेक्शन एम्फोटेरेसिन बी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में विकल्प के तौर पर दवा पोसाकोनाजोल मरीजों को दी जा रही है। इंजेक्शन के लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है।  ब्लैक फंगस वाले 105 मरीजों का ऑपरेशन  बीएचयू अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब अस्पताल प्रशासन मरीजों को भर्ती करने के लिए अन्य वार्डों के साथ ही इलाज, जांच संबंधी व्यवस्थाओं की मानीटरिंग में लग गया है। बीएचयू अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में 24 घंटे ऑपरेशन की सुविधा पिछले दिनों से चल रही है। इसके बाद ऑपरेशन की संख्या भी बढ़ी है। अब तक अस्पताल में ब्लैक फंगस वाले 105 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है।  अब तक मिले इंजेक्शन  19 मई   100 इंजेक्शन  28 मई   250 इंजेक्शन  3 जून    225 इंजेक्शन बीएचयू में भर्ती महिला बिना सूचना के चली गई घर बीएचयू अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के लेबर रूम में भर्ती एक महिला अपने पति के साथ बाहर चली गई। खोजबीन के बाद कोई पता नहीं लगा तो अस्पताल प्रशासन ने लंका थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। अस्पताल में एक जून को शाम को जौनपुर के देहलूपुर निवासी दीपक ने अपनी पत्नी ज्योति (25) को भर्ती कराया था। वह तीन जून की शाम चली गई। खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चलने पर अस्पताल प्रशासन ने चार जून को मामले में लंका थाने में शिकायत दर्ज कराई है।इस बारे में लंका इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से एक मेमो मिला था, जिस पर महिला के पति से बातचीत की गई। पति ने बताया कि महिला घर आ गई है। बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि पुलिस को सूचना दी गई है। इस बारे में स्त्री रोग विभाग के लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।  Sources:AHindustan Samachar