लखनऊः बैंक ऑफ इंडिया का सहायक मैनेजर गिरफ्तार रेमडेसिवीर के 12 इंजेक्शन बरामद

 

 


लखनऊ / रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी में मंगलवार रात मड़ियांव पुलिस ने बैंक ऑफ इंडिया हुसडिया ब्रांच के सहायक मैनेजर बांके बिहारी को धर दबोचा। पुलिस टीम ने उसके पास से 12 इंजेक्शन बरामद किए हैं। पड़ताल में पता चला कि बांके बिहारी 15 से 20 हजार रुपये में यह इंजेक्शन बेचता था। इंस्पेक्टर मड़ियांव मनोज सिंह ने बताया कि विकासनगर का रहने वाला है। वह इंटरनेट मीडिया पर ग्रुप बनाकर लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद जरूरतमंदों का फोन आने पर उन्हें अपने द्वारा बताए गए स्थान पर बुलाता था और रुपये लेकर इंजेक्शन की डिलीवरी देता था। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

जिसको बेचे थे तीन इंजेक्शन उसकी मां को हुआ रिएक्शन : इंस्पेक्टर मड़ियांव ने बताया कि लखीमपुर खीरी के खमरिया ईसानगर निवासी मनोज कुमार की मां क्षेत्र स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। डाक्टरों ने उनसे कहा कि रेमडेसिविर लगाना पड़ेगा। इसके बाद किसी के माध्यम से मनोज को बांके बिहारी के बारे में जानकारी हुई। मनोज ने उससे संपर्क किया और तीन इंजेक्शन की डिमांड की। बांके बिहारी ने अस्पताल से कुछ दूर पर मनोज को बुलाकर इंजेक्शन की डिलीवरी दी और उससे 15 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से 45 हजार रुपये लिए। इसके बाद चला गया।मनोज के मुताबिक जब उसकी मांग को इंजेक्शन लगे तो उन्हें रिएक्शन हो गया। इंजेक्शन नकली होने का उसे शक हुआ। इसके बाद मंगलवार रात मनोज ने महादेव होटल के पास चेकिंग कर रहे दारोगा जफर मेहंदी को यह जानकारी दी। दारोगा ने मनोज से कहा कि वह और एक इंजेक्शन की डिमांड बांके बिहारी से करे। बांके बिहारी से मनोज ने इंजेक्शन की डिमांड की। बांके बिहारी तैयार हो गया और डिलीवरी देने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास बुलाया। वहीं दारोगा ने पुलिस टीम के साथ घेराबंदी कर बांके बिहारी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने दी गलत सूचना

पूर्व में पुलिस ने बताया था कि आरोपी मैनेजर बैंक ऑफ बडोदा का है। हालांकि ये जानकारी गलत है। आरोपी मैनेजर बैंक ऑफ बडोदा का नहीं बल्कि बैंक ऑफ इंडिया का है। इस संबंध में बैंक ऑफ बडोदा ने भी आधिकारिक वर्जन जारी किया है। बैंक ऑफ बडोदा के अनुसार 'उनकी पत्रकार पुरम शाखा अथवा लखनऊ की उनकी बैंक की किसी अन्य शाखा में भी बांके बिहारी नाम का कोई अधिकारी या कर्मचारी पदस्थापित नहीं है।'

 

Sources: जेएनएन