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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

कोरोना भयःकिसान आंदोलन स्थल को संक्रमण से बचाये रखने को लेकर प्रदर्शनकारियों को दिया जा रहा है काढ़ा

 

  



नयी दिल्ली /  केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के टीकरी और सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान जानलेवा कोरोना वायरस से बचाव के लिए संक्रमण मुक्त अभियान चला रहे हैं और लंगर के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने वाला काढ़ा दे रहे हैं। दिल्ली में सोमवार को कोरोना वायरस से 319 लोगों की मौत हुई थी और 12651 नए मामले आए थे तथा संक्रमण दर 19.10 प्रतिशत हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के रूप सिंह ने मंगलवार को कहा, “ हमने टीकरी बॉर्डर पर 17 किलोमीटर लंबे प्रदर्शन स्थल को संक्रमण मुक्त किया है। हम इसे आने वाले दिनों में फिर से संक्रमण मुक्त करेंगे। हम कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी निवारक उपाय कर रहे हैं, जिसमें प्रदर्शनकारी किसानों को मास्क और सैनेटाइजर बांटना शामिल हैं।सिंह ने दावा किया कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में किसानों को सरकार से कोई समर्थन नहीं मिला है और टीकरी बॉर्डर पर वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए सभी उपाय उन्होंने खुद किए हैं। हजारों किसान छह महीने से दिल्ली के सिंघू, टीकरी और गाज़ीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनमें अधिकतर पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार पिछले साल सितंबर में बनाए गए तीन कृषि कानूनों को निरस्त करे। किसान नेता अभिमन्यु कोहर के मुताबिक, सिंघू बॉर्डर पर हर लंगर को नियमित रूप से संक्रमण मुक्त किया जा रहा है और प्रदर्शनकारी किसानों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें रोज़ काढ़ा दिया जा रहा है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के कोहर ने कहा, “ नजदीक में टीकाकरण केंद्र है और जो टीकाकरण कराना चाहता है, वह टीका लगवाने के लिए स्वतंत्र है।” उन्होंने कहा, “ हम अपनी तरफ से किसी से यह नहीं कह रहे हैं कि वे टीका लगवाएं या न लगवाएं। यह उनकी अपनी मर्जी है।

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