सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

सावधानः कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा,महाराष्ट्र.गुजरात के बाद मेरठ भी पहुंचा ‘ब्लैक फंगस’

  


 कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। यह संक्रमण महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ जिलों के बाद मेरठ में भी देखने को मिला है। मुजफ्फरनगर और बिजनौर के दो मरीज न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई है। दोनों कोविड पेशेंट हैं और उनका इलाज चल रहा है।न्यूटिमा अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि दोनों मरीज म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) से पीड़ित हैं, जिनका डॉक्टर ब्लैक फंगस के लिए इलाज कर रहे हैं। कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकर माइकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं। कोविड का इलाज करने के दौरान स्ट्राइड के ज्यादा इस्तेमाल से और शुगर बढ़ने के कारण आंख में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है यह इसका मुख्य लक्षण है। मरीजों की एक-एक आंख बुरी तरह से सूजी हुई है।

क्या है ब्लैक फंगस


ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस फंगस की वजह से होने वाला दुर्लभ संक्रमण है। इंसान की नाक और बलगम में भी ये पाया जाता है। इससे साइनस, दिमाग, फेफड़े प्रभावित होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों या कम इम्युनिटी वाले लोगों, कैंसर या एड्स के मरीजों के लिए घातक भी हो सकता है। ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 50 से 60 प्रतिशत तक होती है।

ये हैं लक्षण


बीमारी में मरीज की नाक का बहना, चेहरे का सूजना, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द, खासी, मुंह के न भरने वाले छाले, दातों का हिलना और मसूड़ों में पस पड़ना आदि लक्षण दिखते हैं। ब्लैक फंगस को अक्सर कोविड के इलाज के दौरान दी गई दवाओं का साइड इफेक्ट माना जाता है।


Sources:AmarUjala

टिप्पणियाँ

Popular Post

चित्र

बदायूं: बिसौली आरक्षित सीट को लेकर राजनीतिक दलों में गहन मंथन, भाजपा से सीट छीनने की फिराक में सपा आशुतोष मौर्य पर फिर खेल सकती है दांव