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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई 5 लोगों की कमेटी, टिकैत बोले- हम कहीं नहीं जा रहे

  कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के अहम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 लोगों की कमेटी बनाई गई है जो सरकार से एमएसपी और किसानों से केस वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। बैठक के बाद राकेश टिकैत ने बताया कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। इस 5 लोगों की कमेटी में युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का, बलबीर राजेवाल, अशोक धवाले और गुरनाम सिंह चढुनी के नाम पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की यह हेड कमेटी होगी जो किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसले लेगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बातचीत के लिए किसानों को नहीं बुलाया गया है। लेकिन जब भी सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा, यह 5 लोग ही जाएंगे। राकेश टिकैत की ओर से फिर दोहराया गया कि आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उन

कोरोना लॉकडाउन पलायन: भारत से अपने वतन नेपाल लौटने का सफर शुरू

  




भारत में बेकाबू होते कोरोना के बीच बिसु पर्व मनाने नेपाली नागरिकों का अपने वतन लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। सामान्य दिनों की अपेक्षा आजकल बनबसा के रास्ते नेपाल जाने वालों की संख्या में करीब डेढ़ गुनी बढ़ोत्तरी हो गई है। कई नेपाली नागरिकों को भारत में दोबारा लॉकडाउन लगने का भी भय सता रहा है। इसी के चलते वह लोग पूरे परिवार और सामान के साथ वतन वापसी कर रहे हैं।  पूरे नेपाल में इन दिनों केवल उत्तराखंड राज्य से भी कम कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। इधर भारत में हर दिन संक्रमितों की तादात करीब एक लाख पहुंच रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। नेपाल के लाखों लोग भारत के विभिन्न महानगरों में काम करते हैं।

भारत में कोरोना के केस बढ़ने से नेपाली नागरिकों को दहशत का माहौल है। अब कुछ ही दिनों बाद नेपाल में नव संवत्सर को बिसु पर्व के रूप में भी मनाया जाएगा। भारत में कोरोना की बढ़ती रफ्तार से दहशत में आए नेपाली नागरिक अब यहां से परिवारों सहित अपने देश लौट रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर करीब 13 हजार नेपाली नागरिक बनबसा से अपने वतन लौट चुके हैं। इसके अलावा गौरीफंटा और अन्य नाकों से भी नेपाली नागरिक घर वापसी कर रहे हैं। इधर शुक्रवार को बनबसा स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा से नेपाल जाने वालों की तादाद सबसे ज्यादा रही। 

जांच बगैर वतन वापसी से नेपाल में हड़कंप: नेपाल प्रवेश करने वालों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी के चलते प्रबंध धरे रह गए हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के दौरान अधिकतर लोगों की कोरोना जांच नहीं हो पा रही है। इससे नेपाल में कोरोना बढ़ने का खतरा भी उत्पन्न हो रहा है। लॉकडाउन के दौरान लौटे थे लाखों लोग  पिछले साल लॉकडाउन के दौरान बनबसा स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाली नागरिकों का जमावड़ा लग गया था। 

अंतरराष्ट्रीय सीमा से नेपाल लौटे लोगों की संख्या
दिनांक                  लोग 

1 अप्रैल                  1140
2 अप्रैल                   1449
3 अप्रैल                  1491
4 अप्रैल                  1645
5 अप्रैल                  1790
6 अप्रैल                  1516
7 अप्रैल                  1390
8 अप्रैल                   2250

भारत में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है। इधर नेपाल में अब जल्द ही बिसु पर्व भी आने वाला है। इसी को देखते हुए भारत में काम कर रहे नेपाली नागरिक कोरोना से सुरक्षा और बिसु पर्व मनाने को अपने देश लौट रहे हैं।
माधव जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष, उद्योग वाणिज्य संघ, कंचनपुर नेपाल

उत्तराखंड में 747 नए कोरोना के मरीज पांच की मौत
उत्तराखंड में कोरोना के 748 केस सामने आए। 327 मरीज ठीक हुए। पांच मरीजों की मौत हुई। कुल 1749 मरीजों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, 13 केस अल्मोड़ा, 9 बागेश्वर, तीन चमोली, छह चम्पावत, 335 दून, 229 हरिद्वार, 22 नैनीताल, 30 पौड़ी, आठ पिथौरागढ़, 18 टिहरी, 73 यूएसनगर, दो उत्तरकाशी में केस सामने आए। कुल पॉजिटिव केस 106246, ठीक हुए मरीज 97327 हो चुके हैं। 5384 एक्टिव केस मौजूद हैं। 24997 मरीजों के सैम्पल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 


Sources:Hindustan samachar

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