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देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने की घोषणा का स्वागत

  उत्तराखंड सरकार ने आज देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने का  ऐतिहासिक फैसला लिया है । ब्राह्मण समाज महासंघ उत्तराखंड इस निर्णय का स्वागत करता है।करीब 2 वर्ष पहले जब यह नया कानून उत्तराखंड राज्य की देवभूमि में बना तभी से ब्राह्मण समाज महासंघ लगातार इसका विरोध करता आया है । मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर व सड़क पर आकर तीर्थ पुरोहित समाज के लिए उनकी रक्षा के लिए  ब्राह्मण समाज महासंघ सदैव इस कार्य में अग्रणी रहा है।गत 5 सितंबर को  देवभूमि की राजधानी देहरादून में गांधी पार्क पर ब्राह्मण समाज महासंघ ने एक विरोध प्रदर्शन तीर्थ पुरोहित जनेऊ  खंडित करने व देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए किया था। आज सरकार के इस निर्णय से देवभूमि के पुरोहित व पंडा समाज के सम्मान की रक्षा हुई है ।हम आशा करेंगे कि देवभूमि की सरकारें तीर्थ पुरोहित समाज, ब्राह्मण समाज का सम्मान व उनकी भावनाओं की रक्षा करते हुए इसी तरह से भविष्य में भी कार्य करेंगे।महासंघ के संरक्षक श्री लालचन्द शर्मा जी ने श्री राम परशुराम मन्दिर में चतुर्वेद विधालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे सनातन धर्म के धर्म रक्षको व ब्राह्मण समाज महासंघ क

मध्य प्रदेश के शहडोल मेडिकल कॉलेज में बुरा हाल,ऑक्सीजन का दबाव कम होने से 6 मरीजों की मौत

  


 शहडोल (मप्र) /  शहडोल जिले के एक शासकीय अस्पताल में चिकित्सकीय ऑक्सीजन आपूर्ति का दबाव कम हो जाने से कोविड-19 सेंटर के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) वार्ड में भर्ती छह मरीजों की मौत हो गई। यह घटना शहडोल जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में शनिवार-रविवार की बीच रात को हुई। यह जानकारी एक अधिकारी ने रविवार को दी है। शासकीय मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ मिलिंद शिरालकर ने बताया, ‘‘मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 सेंटर के आईसीयू वार्ड में 62 गंभीर मरीज भर्ती थे। बीती देर रात तरल ऑक्सीजन का दबाव कम हो जाने से इन मरीजों में से छह मरीजों की मौत हो गई।’’उन्होंने कहा कि अन्य गंभीर मरीज सुरक्षित है। शिरालकर ने बताया, ‘‘विशेषज्ञों को बुलाया गया है और इस घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में 10 केएलडी भंडारण क्षमता वाला ऑक्सीजन संयंत्र है। इसके लिए तरल ऑक्सीजन बाहर के राज्यों से आती है क्योंकि मध्य प्रदेश में इसका उत्पादन नहीं होता। शिरालकर ने बताया कि शनिवार देर शाम तक ऑक्सीजन खत्म हो रही थी, इसलिए तरल ऑक्सीजन प्रदान करने वाली संस्था से लगातार संपर्क किया जा रहा था, लेकिन वाहन देर रात तक तरल ऑक्सीजन लेकर नहीं पहुंचा, जिसके चलते मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन का दबाव कम हो गया।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिन से ऑक्सीजन की कमी की समस्या पैदा हो गई है। इस बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली प्रदेश की भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अब शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत होने की बेहद दुखद खबर। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा एवं खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत होने के बाद भी सरकार नहीं जागी।आखिर कब तक प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से यूं ही मौत होती रहेंगी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘शिवराज जी आप कब तक ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर गलत आंकड़े परोसकर झूठ बोलते रहेंगे। जनता रूपी भगवान रोज दम तोड़ रहा है। प्रदेश भर में यही स्थिति है और अधिकांश जगह ऑक्सीजन का भीषण संकट है।’’ कमलनाथ ने लिखा, ‘‘रेमडेसिविर की भी यही स्थिति है।सिर्फ सरकार के बयानो में और आंकड़ों में ही ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर उपलब्ध है, लेकिन अस्पतालों से ग़ायब है। सरकार कागजी बैठकों से निकलकर मैदानी स्थिति सम्भाले। स्थिति बेहद विकट है।

Sources:Prabhashakshi

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