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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भेजी गयी चादर नकवी ने अजमेर शरीफ दरगाह पर चढ़ाई

अजमेर / केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दरगाह अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 809वें वार्षिक उर्स के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजी गयी चादर मंगलवार को पेश की। इस अवसर पर नकवी ने कहा कि सहिष्णुता व सौहार्द्र ही भारत की संस्कृति और संस्कार हैं। इस ताकत को कोई भी नकारात्मक साजिश नुकसान नहीं पहुंचा सकती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, सूफी-संतों के संस्कार और सुशासन के संकल्प से भरपूर समावेशी विकास, सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण की प्रामाणिक शख्सियत हैं।नकवी ने दरगाह पर प्रधानमंत्री की चादर पेश की और बड़ी संख्या में उपस्थित समाज के सभी तबकों के लोगों को उनके सन्देश को पढ़ कर सुनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 809वें उर्स के उपलक्ष्य पर दुनिया भर में उनके अनुयायियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हए कहा कि यह वार्षिक उत्सव कौमी एकता और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल है। उन्होंने कहा है,‘‘विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों और उनसे जुड़ी मान्यताओं और आस्थाओं का सद्भावपूर्ण सह-अस्तित्व विविधता से भरे हमारे देश की अद्भुत धरोहर है। इस धरोहर को सहेजने और मजबूत बनाने में देश के विभिन्न साधु-संतों, पीर व फकीरों का बहुमूल्य योगदान रहा है। शांति और समरसता के उनके शाश्वत सन्देश ने हमारी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को सदैव समृद्ध किया है।’’ प्रधानमंत्री द्वारा भेजी गई “चादर” का वहां मौजूद लोगों ने पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर नकवी ने दरगाह परिसर में नवनिर्मित 88 शौचालयों के ब्लॉक का उद्घाटन किया जिससे यहाँ आने वाले जायरीनों विशेषकर महिलाओं को सहूलियत होगी। महिला जायरीनों के लिए नवनिर्मित “रैन बसेरे” का भी उद्घाटन किया, जिसमें लगभग 500 महिला जायरीनों के ठहरने की व्यवस्था है। इन सुविधाओं का पहली बार दरगाह परिसर में निर्माण हुआ है। नकवी ने दरगाह अजमेर शरीफ के गेट नंबर 5 व गेस्ट हाउस के नवनिर्मित चौथे तल का उद्घाटन भी किया। Sources:Agency News

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