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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

टनल से 11 शव बरामद,मृतकों की संख्या पहुंची 58,146 की तलाश जारी

देहरादून / चमोली के तपोवन में एनटीपीसी की विष्णुगाड परियोजना की मुख्य टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक मलबे में दबे 11 शव बरामद किए गए हैं। इस टनल के रास्ते सिल्ट फ्लशिंग टनल (एसएफटी) में सात फरवरी को काम करने गए 34 व्यक्तियों की तलाश में दिन-रात रेस्क्यू चल रहा है। इस बीच, सोमवार को एक शव मैठाणा इलाके में और एक शव श्रीनगर में अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज से मिला है। वहीं, उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। हम एक विभाग बनाएंगे, जिससे उपग्रह के माध्यम से सभी ग्लेशियरों की निगरानी और अध्ययन कर सकें। आपको बता दें कि लापता व्यक्तियों में से अभी तक 58 के शव मिल चुके हैं, जिनमें से 31 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है।जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है उन सभी शवों का डीएनए संरक्षित किये गए हैं। 146 अन्य की तलाश जारी है। इसके अलावा जोशीमठ थाने पर अब तक कुल 179 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है। इधर, आपदा प्रभावित 13 गांवों में जनजीवन पटरी पर लाने के प्रयास तेज किए गए हैं। यहां बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के साथ ही आवाजाही के साधन तैयार किए जा रहे हैं। Sources:JNN

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