मांझी की प्रेशर पॉलिटिक्स, कैबिनेट विस्तार से पहले मांगा मंत्री पद और एम.एल.सी सीट



बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। एनडीए में फिलहाल 4 पार्टियां शामिल हैं जिनमें भाजपा, जदयू के अलावा वीआईपी और हम हैं। 14 जनवरी के बाद कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दबाव बनाने की शुरुआत कर चुके हैं। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कैबिनेट विस्तार में उनकी पार्टी को एक और मंत्री पद मिले। साथ ही साथ उन्होंने एक एमएलसी सीट पर भी पार्टी का दावा ठोक दिया।

जब जीतन राम मांझी से पूछा गया कि अगर एमएलसी की एक सीट उन्हें मिलती है तो क्या वह अपने परिवार के किसी सदस्य को विधान परिषद भेजेंगे। इस पर मांझी ने कहा कि वह किसी पार्टी कार्यकर्ताओं को विधान परिषद का सदस्य बनाएंगे। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए को 125 सीटें मिली थी जिसमें जीतन राम मांझी की पार्टी हम को भी 4 सीटें मिली। एनडीए की जीत बहुत बड़ी नहीं थी। ऐसे में मांझी की पार्टी हम उसके लिए उपयोगी है। इसी को देखते हुए जीतन राम मांझी ने बिहार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आपको बता दें कि बिहार विधान परिषद की 2 सीटें खाली हुई है। एक सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है जबकि दूसरी सीट से विनोद नारायण झा ने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि वह बेनीपट्टी से विधायक बन चुके हैं। इन 2 सीटों पर 28 जनवरी को चुनाव होना है। हालांकि दोनों सीट बीजेपी के खाते में रही हैं। ऐसे में ज्यादा संभावना यही है कि एक बार फिर से दोनों ही सीटों पर बीजेपी अपने उम्मीदवारों को उतारेगी। ऐसे में वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जीतन राम मांझी की यह मांग शायद ही पूरी हो। हालांकि गठबंधन में प्रेशर पॉलिटिक्स चलती रहती है।


Sources:Agency News