विकास के संपर्क में रहे संदिग्ध 55 पुलिसकर्मी एसआइटी के रडार पर



कानपुर / दो जनवरी 2021 को बिकरू कांड के छह महीने पूरे हो जाएंगे। इसे लेकर गुरुवार को आइजी मोहित अग्रवाल ने इस प्रकरण से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई और एसआइटी की संस्तुतियों के आधार पर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। आइजी ने बताया कि इस प्रकरण में 55 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इनके खिलाफ हो रही जांच को जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है।बिकरू में दो जुलाई 2020 को विकास दुबे के घर दबिश डालने गई पुलिस टीम पर विकास के गुर्गों ने हमला कर दिया था। बदमाशों से मुठभेड़ में तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मियों की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। जवाब में पुलिस ने भी विकास दुबे समेत उसके छह साथियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस प्रकरण में हुई एसआइटी की जांच में कई संस्तुतियांं की गई हैं, जिनमें से पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी है। आइजी ने बताया कि एसआइटी की संस्तुति पर चार राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच, दो को कारण बताओ नोटिस, 11 के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं सात अराजपत्रित पुलिसकर्मियों के खिलाफ दीर्घ दंड, छह के खिलाफ लघु दंड और 23 के खिलाफ प्रारंभिक जांच चल रही है।आइजी ने बताया कि कुल 55 पुलिसकर्मी जांच के दायरे में हैं। इनमें से कई के नाम व वर्तमान तैनाती के बारे में जानकारी नहीं है। अधिकारियों से जांच में तेजी लाने को कहा गया है। बिकरू कांड में दर्ज हुए 15 मुकदमे आइजी ने बताया कि बिकरू कांड से संबंधित कुल 15 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से दस कानपुर नगर, तीन कानपुर देहात और दो लखनऊ में दर्ज हुए हैं। केवल दो जुलाई को दर्ज बिकरू कांड के मुकदमे में चार्जशीट लगी है। शेष में जांच चल रही है। वितुल होगा 50 हजारी बिकरू कांड को लेकर अब तक 36 आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा चुका है। अतुल दुबे का बेटा वितुल दुबे अकेला अभियुक्त है, जो कि पुलिस की पकड़ से दूर है। वितुल पर 25 हजार रुपये का इनाम था। आइजी ने बताया कि बैठक में वितुल पर इनाम 50 हजार रुपये बढ़ाने का फैसला भी लिया गया।


Sources:JNN