IMA की हड़ताल से ठप है OPD सेवा, विभिन्‍न राज्‍यों के डॉक्‍टर कर रहे विरोध प्रदर्शन

 

नई दिल्‍ली /  भारतीय चिकित्‍सा संघ (Indian Medical Association)  देशभर में शुक्रवार, 11 दिसंबर को हड़ताल कर रहे हैं। इसके तहत आज सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक इमर्जेंसी सेवाओं को छोड किसी तरह का इलाज नहीं हो सकेगा।  इस दौरान सभी गैर-आपातकालीन और गैर-कोविड मेडिकल सेवाएं बंद रहेंगी। IMA के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉक्‍टर आर शर्मा ने कहा, 'आधुनिक चिकित्सा नियंत्रित और रिसर्च आधारित है, हमें आयुर्वेद की विरासत और समृद्धि पर गर्व है, लेकिन दोनों को एक साथ मिक्‍स नहीं किया जाना चाहिए।'



असम की गुवाहाटी (Guwahati) में IMA सदस्‍यों व डॉक्‍टरों ने केंद्र के इस अध्‍यादेश के विरोध में प्रदर्शन किया। अमृतसर के डॉक्‍टर भी केंद्र के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। यहां के एक डॉक्‍टर ने कहा, 'हम इस अध्‍यादेश की वापसी की मांग करते हैं। हम कोविड मरीजों व इमरजेंसी मामलों को ही आज देख रहे हैं।' गुजरात में अहमदाबाद चिकित्‍सा संघ के सदस्‍य केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद के छात्रों के लिए दिए गए अध्‍यादेश के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।                                          



आयुर्वेद के छात्रों को मिली सर्जरी की अनुमति का हो रहा विरोध

यह हड़ताल सरकार के एक फैसले के विरोध में किया जा रहा है। दरअसल सरकार की ओर से आयुर्वेद के छात्रों को सर्जरी करने की अनुमति दे दी गई। सरकार के अध्‍यादेश में आयुर्वेद के छात्रों को नाक, कान, गला जैसी 58 तरह की सामान्‍य उपचार में सर्जरी की इजाजत दी गई है। काउंसिल ऑफ मेडिसीन की ओर से कुछ दिन पहले ही यह आदेश दिया गया। 

केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद के विद्यार्थियों को सर्जरी की अनुमति देने वाले कदम को 'मिक्‍सोपैथी' करार दिया है। साथ ही आयुर्वेद डॉक्‍टर्स के सर्जरी करने की काबिलियत पर सवाल उठाया है। IMA की ओर से किए गए इस हड़ताल के तहत देश भर में सभी क्लिनिक, नॉन-इमर्जेंसी हेल्‍थ सेंटर, ओपीडी, सर्जरी बंद रखने की अपील की गई है। वहीं आम लोगों की परेशानी और मुश्‍किलों को समझते हुए इमरजेंसी चिकित्‍सा सेवाओं, आइसीयू, कोविड केयर, सीसीयू, इमरजेंसी सर्जरी और लेबर रूम में काम अनवरत जारी रखने की अनुमति है। 

हड़ताल के लिए निर्धारित अवधि में आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) पूरी तरह बंद रहेगी। IMA ने इस हड़ताल में मॉडर्न मेडिसिन के सभी डॉक्‍टरों से  शामिल होने की अपील की है। यह कदम सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (CCIM) के एक नोटिफिकेशन के बाद उठाया गया है जिसमें आयुर्वेद से पोस्‍ट ग्रेजुएट को सामान्‍य सर्जरी की इजाजत दे दी गई है।


Sources:JNN and, एएनआइ