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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

गढ़वाल सांसद व पूर्व सी.एम तीरथ सिंह रावत के गांव में पानी को तरस रहे लोग, स्वास्थ्य सुविधाएं भी वेन्टीलेटर पर

 


उत्तराखण्ड में भाजपा विकास का डंका बजा रही है लेकिन कितना हास्याप्रद और दुःखद है कि गढ़वाल सांसद और पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के गांव सीरोंमें 130 परिवार रहते हैं जिनकी आबादी तकरीबन 600 के आसपास है। आपको बता दें कि सीरों गांव में पीने के पानी का संकट लंबे समय से है। गांव में पानी पहुंचाने के लिए अब इसे कंडार सीरों पेयजल लाइन से जोड़ा जा रहा है। वहीं सड़क व्यवस्था भी राम भरोसे है गांव को मुख्य बाजार सतपुली से जोड़ने वाला बौंसाल.भेटी मोटर मार्ग राज्य गठन के 21 साल बाद भी बदहाल है। जबकि हाल ही में बौंसाल से सरासू तक पांच किलोमीटर तक डामरीकरण हुआ है। लेकिन इसके बाद आगे का कम अधूरा छोड़ दिया गया है। वहीं इनके गांव में खुद स्वास्थ्यव्यवस्था वेन्टीलेटर पर है । मौजूदा समय में सीरों गांव के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सतपुली और पौड़ी पर निर्भर हैं। 600 आबादी के बावजूद गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं हैआसपास भी कोई सुविधा नहीं है

गौरतलब है कि सांसद जब खुद अपने गांव के लोगों को खुशहाल नहीं रख पायेंगे फिर जनसमर्थन तो बहुत दूर की बात है। सीरों में लोग खेती पर भी निर्भर हैंए लेकिन जंगली जानवरों के कारण खेती को काफी नुकसान हो रहा है। बंदर.सुअर खेती खराब कर देते हैं,वहीं गुलदार आए दिन मवेशियों को अपना निबाला बनाते हैं। वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि ।
जंगली जानवरों के कारण काफी नुकसान हो रहा है। गुलदार का भी हमेशा खतरा बना रहता है। सरकार इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाए।
मदन सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान।
वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कहना है कि पेयजल लाइन के लिए टेंडर कर दिए गए थे। इस पर काम चल रहा है। जनवरी 2022 के अंतिम दिन तक कार्य को पूरा होने की उम्मीद है।
शिव कुमार राय,अधिशासी अभियंता.जल संस्थान

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