पार्टियों में स्मैक खपाने वालों की कर रही तलाश में दिल्ली NCB का बरेली में छापा, छह राज्यों की जेलों में बंद है स्मैक तस्कर

 

 



बरेली  /  फतेहगंज पूर्वी व पश्चिमी में तस्करों पर कार्रवाई शुरू हुई तो बिशारतगंज का गिरोह दिल्ली में स्मैक की खेप भेजने लगा। पांच अक्टूबर को गिरोह के एक सदस्य को सीलमपुर इलाके में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के आधार पर बुधवार को टीम ने बिशारतगंज में कई जगह दबिश दी मगर, सरगना हाथ नहीं आया।दिल्ली में पकड़ा गया नुसरत खान आंवला के पक्का कटरा मुहल्ले का रहने वाला है। बिशारतगंज निवासी सरगना उसे स्मैक की खेप देता था। इस मादक पदार्थ को पार्टियों में खपाया जाता, आसपास के प्रदेशों में भी भेजा जाता था। बुधवार को बिशारतगंज पहुंचे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली के सब इंस्पेक्टर अमित कुमार व अर¨वद कुमार ने बताया कि नुसरत ने स्वीकारा कि हर बार स्मैक पहुंचाने के बदले उसे तय रकम मिलती थी।उसके जैसे कई युवा इस तरह सरगना के लिए काम करते हैं। नुसरत खान की निशानदेही पर टीम ने बिशारतगंज के वार्ड सात, वार्ड नौ व बलेई रोड पर दबिश दी लेकिन, कोई हत्थे नहीं चढ़ा। छोटे कस्बे से दूर तक सप्लाई अगस्त में फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के पढेरा से छोटे खां, फतेहगंज पश्चिमी से नन्हे आदि की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया। आधा दर्जन से ज्यादा तस्करों के अवैध निर्माण तोड़े जा चुके।30 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए हैं। इन सभी के तार दिल्ली से जुड़े थे। इस बीच पुलिस का ध्यान बिशारतगंज की ओर नहीं गया। इन दोनों कस्बों के तस्करों पर शिकंजा कसा तो बिशारतगंज के तस्कर ने नेटवर्क बढ़ाना शुरू कर दिया। इस कस्बे में भी तस्करों का बड़ा रैकेट है। दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल की जेलों में यहां के 25 तस्कर बंद हैं।दिल्ली एनसीबी की टीम ने एक तस्कर पकड़ा था। उससे पूछताछ के आधार पर बिशारतगंज में दबिश दी गई थी। 

- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात 


Sources: जेएनएन

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