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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई 5 लोगों की कमेटी, टिकैत बोले- हम कहीं नहीं जा रहे

  कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के अहम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 लोगों की कमेटी बनाई गई है जो सरकार से एमएसपी और किसानों से केस वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। बैठक के बाद राकेश टिकैत ने बताया कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। इस 5 लोगों की कमेटी में युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का, बलबीर राजेवाल, अशोक धवाले और गुरनाम सिंह चढुनी के नाम पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की यह हेड कमेटी होगी जो किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसले लेगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बातचीत के लिए किसानों को नहीं बुलाया गया है। लेकिन जब भी सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा, यह 5 लोग ही जाएंगे। राकेश टिकैत की ओर से फिर दोहराया गया कि आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उन

23 साल बाद अक्टूबर में नैनीझील ओवरफ्लो, माल रोड पर पहुंचा पानी

 


करीब चौदह घंटों से लगातार जारी बारिश ने अक्टूबर में नैनीझील के जलस्तर के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। सिंचाई विभाग के अनुसार शाम करीब पांच बजे तक नैनीताल में 200 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी थी। जिस कारण झील का जलस्तर पर 12.2 फीट के ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड को पार कर गया। जिससे झील का पानी ओवरफ्लो होकर माल रोड तक पहुंच गया।इससे पहले अक्तूबर 1998 में सबसे अधिक 106 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। तब जलस्तर 11.5 फीट पहुंचने पर झील का पानी ओवरफ्लो हुआ था। सोमवार दोपहर 11 बजे ही नैनीझील का जलस्तर अपने अधिकतर स्तर को पार कर गया। जिसके बाद झील के गेटों से पानी की निकासी बलियानाल में कर दी गई। पूरे दिन झील के गेट खुले रहे पर मूसलाधार बारिश के कारण जलस्तर 12 फीट से कम होने का नाम नहीं ले रहा था। शाम के समय स्थित यह हो गई कि नैनी झील का पानी माल रोड तक पहुंच गया। जिस कारण झील की मछलियां सड़क किनारे तक पहुंचने लगीं। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग कृष्ण चंद चौहान ने बताया कि अक्तूबर माह में इतनी अधिक बारिश 1998 के बाद अब रिकॉर्ड की जा रही है। झील के गेट खोलकर पानी की निकासी कर रहे हैं।झील ओवरफ्लो होने से नैना देवी मंदिर, गुरुद्वारा सहित नैनीताल डाट पर माल रोड का काफी हिस्सा पानी में डूब गया है। झील के निकासी गेटों को पूरी क्षमता से खोल दिया गया था, फिर भी लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण पानी नयना देवी मंदिर परिसर के भीतर तक घुस गया है। परिसर में पानी की तलैया बनने से मंदिर प्रबंधन और आसपास के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल की ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। झील किनारे रह रहे सभी लोगों को अलर्ट किया गया है। संबंधित अधिकारी राहत कार्य में जुटे हैं। शहर के तीनों मार्गों को खुलवाने के लिए जेसीबी भेजी गई है।मूसलाधार बारिश के कारण नैनीताल के सभी नाले पूरे दिन उफान पर रहे। यहां घूमने आए पर्यटक मौसम का यह रूप देखकर पूरे दिन होटलों में दुबके रहे। पर्यटक वाहनों को पहाड़ की ओर भी नहीं जाने दिया गया। नैनीताल के लोग भी घरों में ही दुबके रहे। सरकारी कार्यालयों में भी पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।

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