कांग्रेस में निरादर और अपमान की भी कोई जगह नहीं :अनिल शास्त्री

 

 



पिछले कई दिनों से पंजाब में जारी कांग्रेस के अंदर की उठापटक के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हाल के घटनाक्रम को लेकर वह अपमानित महसूस कर रहे थे और इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को यह बता दिया था कि वह अब इस्तीफा देंगे। इसके बाद अमरिंदर ने कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर भी टिप्पणी की थी। अमरिंदर ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को अनुभवहीन भी बता दिया। इसी को लेकर कांग्रेस ने अमरिंदर से कहा था कि पार्टी में गुस्से और बदले की कोई जगह नहीं है। कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह अपने उस कथित बयान पर पुनर्विचार करेंगे। 

इन सबके बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का समर्थन किया है। अनिल शास्त्री ने ट्वीट कर लिखा कि मैं कांग्रेस प्रवक्ता से सहमत हूं कि कांग्रेस पार्टी में गुस्से और बदले कि कोई जगह नहीं है लेकिन मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी सहमत हूं की पार्टी में निरादर और अपमान की भी कोई जगह नहीं है। अनिल शास्त्री के इस ट्वीट के बाद माना जा रहा है कि वह भी पार्टी आलाकमान से नाराज हैं। इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं कि अब जी-23 का विस्तार होकर जी-25 हो गया है जिसमें अमरिंदर और अनिल शास्त्री शामिल हुए। दरअसल, अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा को ‘अनुभवहीन’ करार दिया और कहा कि पंजाब इकाई के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव में वह मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे। अमरिंदर सिंह ने अपने कई साक्षात्कारों में कहा कि प्रियंका और राहुल मेरे बच्चों की तरह हैं। इसका पटाक्षेप ऐसा नहीं होना चाहिए था। मैं व्यथित हूं। उन्होंने एक बयान में कहा कि मैं विधायकों को विमान से गोवा या अन्य स्थान पर नहीं ले गया। इस तरह से मैं काम नहीं करता। मैं तिकड़मबाजी नहीं करता और गांधी सहोदर जानते हैं कि यह मेरा तरीका नहीं है। वहीं पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राजनीति में गुस्सा, ईर्ष्या, द्वेष, व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी और उनसे बदला लेने की भावना की कोई जगह नहीं है।

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