दून-नैनीताल समेत इन जिलों में तेज बारिश के आसार

  


देहरादून /  उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश का क्रम बना हुआ है। ऐसे में पहाड़ों में भूस्खलन के कारण पैदा हुई दुश्वारियां भी कम नहीं हो पा रही हैं। पिछले नौ दिन से जोशीमठ-मलारी हाईवे तमक के पास मस्खुड़ा में बाधित है। हालांकि, आज हेली रेस्क्यू शुरू हो गया है। बदरीनाथ हाईवे भी भूस्खलन के कारण टिहरी के बछेलीखाल में पांच घंटे बंद रहा। उधर, कुमाऊं में भी तेज बारिश के चलते कई सड़क मार्गों पर आवाजाही बाधित हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी सोमवार को देहरादून-नैनीताल समेत सात जिलों में कहीं-कहीं तेज बौछार के साथ ही भारी बारिश हो सकती है।चमोली में जोशीमठ-मलारी हाईवे तमक के पास मस्खुड़ा में नौ दिनों से भूस्खलन के चलते बाधित है। यहां पैदल आवाजाही तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में सरकार के आपदा प्रबंधन के दावों की भी पोल खुल गई है। वहीं, तिब्बत-चीन सीमा क्षेत्र के 13 गांवों में लोग सड़क बिजली, दूरसंचार सेवा बाधित होने से परेशान हैं। हालात यह रहे कि हेली रेस्क्यू की बात भी हवाई साबित हुई। हालांकि, प्रशासन लगातार बारिश का तर्क दे रहा था। इस कारण नीती घाटी में रसोई गैस, सब्जी, दूध सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री की किल्लत बनी हुई है।दावा किया जा रहा है कि सोमवार से इस पर पैदल आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। हाईवे बाधित होने से 25 पर्यटक, बाइकर्स सहित 85 नागरिक हेली रेस्क्यू का इंतजार कर रहे थे, जबकि नीती-मलारी-घाटी में 400 से अधिक नागरिक जगह-जगह रुके हुए हैं, जो हाईवे के सुचारू होने का इंतजार कर रहे थे। उनका ये इंतजार खत्म हुआ और आज हेली सेवा शुरू हो गई है।उधर, बागेश्वर जिले में कर्मी गांव को जोड़ने वाले पुल के पास भूस्खलन से साइड दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। नैनीताल में भवाली-हल्द्वानी मार्ग पर वीरभट्टी क्षेत्र में मलबा आने से तीन दिन से यातायात ठप है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, हरिद्वार, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना है। इसके अलावा अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।