दिल्ली में बना जयपुर की तर्ज पर हवा महल अब टूटने की कगार पर

 

 



नई दिल्ली /  हवा महल का जब ज़िक्र होते ही दिमाग़ में ख़्याल जयपुर का आता है. अगर हम कहें कि हवा महल की झलक दिल्ली में ही देखने को मिल जाएगी तो आपको सुनकर हैरानी होगी दरअसल एक व्यापारी ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपनी दुकान के बाहरी लुक को ‘हवा महल’ जैसा तैयार करवाया है. बताया गया कि इस जगह पर पहले एक होटल हुआ करता था जिसे किसी व्यापारी ने ख़रीद लिया और उसके बाद इस बिल्डिंग में बदलाव को लेकर नए निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए दुकान के बाहर का डिज़ाइन कुछ ऐसा तैयार किया गया कि देखने में जयपुर के हवा महल जैसा लगे अब जब से बनकर तैयार हुआ तो लोगों के लिये सेल्फ़ी पॉइंट भी बन गया लेकिन निर्माण के कुछ ही दिनों बाद ये विवादों में घिर गया. दिल्ली के इस हवा महल को अब तोड़ा जा रहा हैदरअसल, चांदनी चौक के व्यापारियों ने इस पर सवाल खड़े करते हुये कहा कि चांदनी चौक स्पेशल एरिया में आता हैइस वजह से यहां कि इमारतों में किसी भी बदलाव या मरम्मत के लिए नगर निगम से विशेष अनुमति लेनी होती है चांदनी चौक के ऐतिहासिक स्थिति में किसी तरह का बदलाव नहीं हो सकता हैशिकायत नगर निगम तक पंहुची. निगम ने 48 घंटे के भीतर इसे हटाने के आदेश व्यापारी को दे दियेजिसके बाद इसका निर्माण कराने वाले व्यापारी ने खुद ही इसे हटाने की क़वायद शुरू कर दी हैचांदनी चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने कहा कि इस तरह के निर्माण की इजाज़त बिल्कुल नहीं दी जा सकती ऐसे में अब नगर निगम ने इसे हटाने के आदेश दिए हैं जो बिल्कुल सही फ़ैसला लिया है वहीं इस पर नगर निगम ने कहा कि जब उन्हें इस हवा महल के बारे में पता चला तो व्यापारी से इसे हटाने के लिये कह दिया गया है उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष जोगीराम जैन ने बताया कि चांदनी चौक एक ऐतिहासिक जगह है और उस जगह पर इस तरह के निर्माण करने की साफ़ मनाही है और कोई बदलाव किया भी जाता है तो इसकी परमिशन लेनी होती है जो नहीं ली गई थी इसलिए अब इसे हटाने के लिए कहा गया है.चांदनी चौक में हाल ही में रीडेवलपमेंट का काम किया गया है जिसके बाद से पूरी सड़क को नॉन मोटर राइज्ड व्हीकल जोन बना दिया गया है यानि यहां मोटर-गाड़ी चलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है पूरे इलाक़े का सौंदर्यीकरण का काम किया गया है ऐसे में अब किसी तरह के निर्माण कार्य की साफ़ मनाही है यही वजह है कि दिल्ली के हवा महल को अब तोड़ा जा रहा है